बेंगलुरू में तीसरा विस्फोटक निष्क्रिय किया गया (लीड-3)
पुलिस के एक प्रवक्ता ने संवाददाताओं को बताया कि तीसरा विस्फोटक स्टेडियम के प्रवेश द्वार संख्या 8 पर एक प्लास्टिक बैग में पाया गया।
इसके पहले हुए विस्फोट की वजह से स्टेडियम के बाहर अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस आयुक्त शंकर बिडारी ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि स्टेडियम की बाहरी दीवार के नजदीक तकरीबन 3.15 बजे यानी मैच आरंभ होने से ठीक 45 मिनट पहले एक विस्फोट हुआ। इसमें चार पुलिसकर्मी और एक निजी सुरक्षाकर्मी घायल हो गया।
उन्होंने कहा, "प्रथम दृष्टया लगता है कि किसी ने स्टेडियम के प्रवेश द्वार संख्या 12 के पीछे प्लास्टिक के एक बिलबोर्ड में विस्फोटक रखा था। पुलिसकर्मियों को तो कुछ खास चोट नहीं आई है लेकिन निजी सुरक्षाकर्मी की चोट गंभीर है। विस्फोट शक्तिशाली नहीं था। फोरेंसिक विशेषज्ञ इसकी जांच कर रहे हैं।"
अपुष्ट खबरों में कहा गया है कि चार पुलिस कर्मियों सहित लगभग 15 लोगों को हल्की चोटें आई हैं। लेकिन पुलिस घायलों की संख्या पांच ही बता रही है।
विस्फोट की वजह से प्रवेश द्वार संख्या 12 बी के पास लोगों को भ्रम में इधर-उधर भटकते देखा गया। पुलिस सायरनों और एम्बुलेंस की आवाज ने लोगों के भय को और बढ़ा दिया। पहली नजर में तो ऐसा लगा मानो स्टेडियम परिसर में स्थित जेनरेटर में विस्फोट हुआ हो।
विस्फोट के समय हजारों दर्शक स्टेडियम के अंदर मौजूद थे। विस्फोट होते ही पुलिस ने स्टेडियम के सभी प्रवेश द्वारों को बंद कर दिया और खिलाड़ियों को वापस ड्रेसिंग रूम में भेज दिया गया।
पुलिस उपायुक्त आलोक कुमार ने आईएएनएस से कहा कि दूसरा विस्फोट तीन बजे अनिल कुंबले सर्किल में हुआ। यह इलाका स्टेडियम से आधे किलोमीटर की दूरी पर है। इसमें कोई भी घायल नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि विस्फोटक संभवत: झाड़ी में रखा गया था।
आलोक कुमार ने कहा कि विस्फोटक किसने रखा इसका सुराग नहीं मिल पाया है।
इन विस्फोटों की वजह से मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बीच मैच एक घंटा देरी से शाम पांच बजे शुरू हुआ।
40,000 की क्षमता वाला स्टेडियम लगभग दर्शकों से भरा हुआ था और मैच के दौरान यहां विस्फोट का कोई संकेत नहीं दिखाई दे रहा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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