मायावती के गढ़ में राहुल गांधी की चुनौती

कांग्रेस नेताओं के अनुसार यह यात्राएं संभी विधान सभा क्षेत्रों में जाकर माया सरकार के खिलाफ़ अभियान चलाएंगी और इनका फ़ोकस विशेष रूप से दलित वर्ग होगा , जिसे बहुजन समाज पार्टी का मज़बूत वोट बैंक माना जाता है. राहुल गांधी इससे पहले दलित बस्तियों का दौरा करके और दलितों के यहाँ भोजन करके उनके साथ अपनी हमदर्दी जताते थे, जिससे मायावती बहुत चिढ़ती थीं और इसे एक नाटक करार देती थीं .
लेकिन राहुल गांधी अब कांग्रेस पार्टी की १२५वीं वर्षगाँठ पर दलितों के सबसे बड़े मसीहा डॉक्टर अंबेडकर को याद करते हुए मायावती के मर्म पर सीधे चोट की है. इस रैली को लेकर कांग्रेस पार्टी कार्यकर्ताओं में बड़ा जोश है. प्रदेश के कई ज़िलों के कांग्रेस नेता मंगलवार की शाम को ही यहाँ पहुँच गए.
कांग्रेस की किस्मत बदलने की मुहिम
युवा कांग्रेसियों ने नगर में घूम-घूम कर राहुल गांधी ज़िंदाबाद के नारे लगाए और मशाल जुलूस निकाला. कांग्रेस रैली में पूर्वांचल के अनेक ज़िलों से लोगों को लाया जा रहा है. चाय की दुकानों पर राहुल की चर्चा है. समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी दोनों से निराश वर्ग राहुल गांधी की ओर उम्मीद से देख रहे हैं क्योंकि भारतीय जनता पार्टी मुकाबले से पिछड़ती जा रही है.
कांग्रेस पार्टी दो दशक से उत्तर प्रदेश में सत्ता से बाहर है. कांग्रेस का परंपरागत दलित , ब्राह्मण और मुस्लिम मतदाता गठजोड़ बिखर गया था. लेकिन पिछले लोक सभा चुनाव में कांगेस का वोट १४ से बढ़कर १९ फीसदी हुआ. इस सफलता से उत्साहित कांग्रेस ने अब मिशन 2012 के नाम से अगले विधान सभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है.
इसी मिशन के तहत राहुल गांधी ने फिर से अंबेडकर को आगे करके माया पर हमले की तैयारी की है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता जोशी का कहना है क़ि रैली का मकसद आज़ादी आंदोलन से लेकर अब तक का इतिहास लोगों को बताना है. रीता जोशी के मुताबिक अंबेडकर नगर से रैली इसलिए शुरू हो रही क्योंकि यहाँ कमज़ोर , दलित , अल्संख्यक और गरीब लोगों की तादाद सबसे ज़्यादा है और यहाँ लोगों को नरेगा में सबसे कम काम मिला है.
उनकी राय में 'उत्तर प्रदेश के लोग सपा-बसपा से ऊब गए हैं और कांग्रेस को वापस लाना चाहते हैं. वहीं राहुल गांधी का कहना रहा है क़ि कांग्रेस ने ही दलित समुदाय को आरक्षण और ज़मीनें आदि देकर भला किया था जबकि मायावती विकास का धन पत्थरों और मूर्तियों में लगा रही हैं.
दूसरी ओर मायावती का तर्क है कि कांग्रेस ने स्वयं भी अपने नेताओं की मूर्तियों और समरकों पर अरबों रुपये खर्च किए थे और अब दलित महापुरुषों के स्मारकों पर हल्ला मचाया जा रहा है. कांग्रेस का जवाब देने के लिए बसपा प्रदेश भर में रैलियां कर रही है. इसमें महिला आरक्षण और मंहगाई मुख्य मुद्दा हैं.
मायावती राजधानी लखनऊ में डाक्टर अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल पर डॉक्टर अंबेडकर को माल्यार्पण के बाद ठीक उसी समय प्रेस को संबोधित करेंगी जब राहुल गाँधी उनके गढ़ में सेंध लगाने पहुंचेंगे. यहाँ अंबेडकर नगर में भी बसपा ने कांग्रेस के मुकाबले अपनी रैली को ज़ोरदार दिखाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है. कांग्रेस की रैली दोपहर में है और बसपा की शाम को.












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