इंफोसिस को दहाई अंकों में वृद्धि का अनुमान (लीड-3)
देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी की तरफ से मंगलवार को कहा गया कि उम्मीद है कि मौजूदा वित्त वर्ष में 10 फीसदी की वृद्धि के साथ कंपनी की कुल आय 25,017 करोड़ रुपये होगी। भारतीय लेखा मानक के अनुसार, वित्त वर्ष 2009-10 की समाप्ति पर कंपनी की कुल आय 22,742 करोड़ रुपये रही।
अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय नियामक प्रणाली (आईएफआरसी) के तहत कंपनी का कुल राजस्व वर्ष 2011 में 17 फीसदी बढ़कर 5.6 अरब डॉलर रहने का अनुमान है। वर्ष 2010 में कुल राजस्व 4.8 अरब डॉलर था।
कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी वी. बालाकृष्णन ने एक बयान में कहा, "मुद्रा के मूल्य में उतार-चढ़ाव आईटी क्षेत्र के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। इसकी वजह से लाभ पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने के लिए हमारे पास एक कारगर हेजिंग (वित्तीय हानि से बचाव के लिए वायदा) कार्यक्रम है।"
उच्च विकास दर पर लौटने का संकेत देते हुए कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में 5944 करोड़ रुपये का कुल लाभ अर्जित किया, जो इससे पूर्व के वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही की तुलना में 5.5 फीसदी अधिक है।
इंफोसिस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एस. गोपालकृष्णा ने कहा, "हालांकि आर्थिक वातावरण अब भी चुनौतिपूर्ण है, एक बेहतर भविष्य के लिए विकास में निवेश किया जा रहा है।"
वित्त वर्ष 2009-10 में कंपनी को कुल 22,742 करोड़ रुपये की आय हुई जो पिछले वित्त वर्ष 2008-09 की तुलना में 4.84 फीसदी अधिक है। वित्त वर्ष 2008-09 में कंपनी की कुल आय 21,693 करोड़ रुपये थी।
उन्होंने कहा, "हम बाजार में मौजूद संभावनाओं का फायदा उठाने में और तेज गति से विकास करने में सक्षम हैं क्योंकि आर्थिक मंदी के दौर में भी हमने क्षमता और योग्यता निर्माण में निवेश किया।"
इसी तरह, भारतीय लेखा मानक के तहत कंपनी को मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल से जून) में कुल 5,941 करोड़ रुपये की आय का अनुमान है। इस तिमाही के लिए कंपनी की अनुमानित वृद्धि वित्त वर्ष 2009-10 की समान अवधि की तुलना में 8.6 फीसदी अधिक है।
आईएफआरएस के तहत मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में पिछले वित्त वर्ष के समान अवधि की तुलना में 19 फीसदी वृद्धि के साथ 1.34 अरब डॉलर की आय का अनुमान है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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