भारत का अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक पोल. क्या आपने भाग लिया?
  • search

तालिबान की मदद कर रहा है आईएसआई

By Ajay Mohan
Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts
    Taliban
    वाशिंगटन। आतंकी वारदातों को अंजाम देने के लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस निदेशालय (आईएसआई) अभी भी तालिबान को अपना पूरा सहयोग दे रहा है। समर्थन के साथ-साथ तालिबान की वो पूरी मदद कर रहा है। शुरू में ऐसे संकेत मिले थे कि जासूसी एजेंसी की तरफ से इस्लामी समूहों के विरुद्ध कार्रवाई शुरू हो चुकी है।

    अफगान-तालिबान के शीर्ष कमांडर मुल्लाह अब्दुल गनी बारादार के पकड़े जाने के बाद इसे पाकिस्तान में एक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। लेकिन पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी द्वारा कम से कम दो अन्य आतंकवादियों को छोड़ दिए जाने के बाद अमेरिकी अधिकारियों को आईएसआई की नियती पर संदेह हो रहा है।

    पढ़ें- कभी भी फैल सकता है परमाणु आतंकवाद

    अखबार 'वाशिंगटन पोस्ट' के मुताबिक एक अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को प्राप्त सूचनाओं के मुताबिक ऐसे साक्ष्य मिले हैं कि पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसी अफगान-तालिबान को अभी भी अपना समर्थन दे रही है, जैसा कि भारत पहले ही बात दोहरा चुका है।

    तालिबानी आंकड़ों की पहचान बताने से इंकार करते हुए इस अधिकारी ने अखबार को बताया कि अमेरिका द्वारा आईएसआई की निगरानी को गोपनीय रखा गया लेकिन जो लोग बंधक बनाए गए थे वे तालिबान के शीर्ष सदस्य थे। अमेरिका इन लोगों को हिरासत में लेना चाहेगा। आईएसआई के अधिकारियों ने अखबार को इस्लामाबाद में बताया था कि आईएसआई आतंकवादियों के खात्में को लेकर प्रतिबद्ध है और किसी भी आतंकवादी को पकड़ने के बाद नहीं छोड़ा गया है।

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more