एवरेस्ट फतह के लिए उम्र बाधा नहीं
टोक्यो की रहने वाली पेशे से वकील इको फुनाहासी 8,848 मीटर ऊंचे माउंट एवरेस्ट पर दक्षिणी नेपाल के रास्ते चढ़ाई करने वाली हैं। यह वही रास्ता है, जिससे पहली बार एडमण्ड हिलेरी और तेनजिंग नॉर्गे शेरपा ने 1953 में पर्वत पर चढ़ने में सफलता पाई थी।
फुनाहासी ने वर्ष 2006 में ही एवरेस्ट पर फतह पाने वाली थी, तब उनकी उम्र 67 वर्ष थी। चढ़ाई करने वाली 11 सदस्यीय टीम में फुनाहासी भी थीं, जिनमें केवल पांच लोग पर्वत पर फतह कर पाए थे, लेकिन वह असफल रहीं थीं।
फुनाहासी फिर से नौ सदस्यीय टीम के साथ पर्वत पर जीत हासिल करने के लिए लौटी हैं। उनकी टीम की अगुवाई एवरेस्ट पर एक बार फतह कर चुके न्यूजीलैण्ड के मार्क विंटन वुडवर्ड कर रहे हैं। इसके अलावा इस दल में चीन के भी छह लोग शामिल हैं।
अगर फुनाहासी इस बार एवरेस्ट पर चढ़ने में सफल हो जाती हैं तो वह सबसे बुजुर्ग महिला पर्वतारोही होने का रिकॉर्ड कायम करेंगी।
इसी बीच एवेरेस्ट पर चढ़ने के लिए कैलीफोर्निया से आया 13 वर्षीय जॉर्डन रोमेरा विवादों के बीच लोगों के आर्कषण का केंद्र बना हुआ है।
नेपाल के कानून के मुताबिक 16 वर्ष से कम उम्र का व्यक्ति एवरेस्ट पर नहीं चढ़ सकता। लिहाजा रोमेरा तिब्बत की ओर से पर्वत शिखर पर चढ़ाई करने का प्रयास कर रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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