अग्निकांड से बचने के लिए ग्रामीणों की अनूठी पहल
पटना, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। बिहार में आग लगने की घटनाओं में वृद्धि को देखते हुए ग्रामीणों ने अनूठी पहल की है। ग्रामीण इलाकों में युवकों ने 'ग्राम समिति' का गठन किया है, जो लोगों को सर्तक करती है।
खगड़िया जिला के बेलदौर प्रखंड के सभी 16 ग्राम पंचायतों में ऐसी समिति का गठन किया गया है। 'सावधानी हटी, दुर्घटना घटी' की तर्ज पर काम कर रही इस समिति के लोग दोपहर में पछुवा हवा के चलते ही सर्तक हो जाते हैं। खगड़िया जिले के बोबिल गांव के गिरेन्द्र सिंह बताते हैं कि पछुवा हवा के तेज गति से चलते ही समिति के लाग ढोल बजाकर कर लोगों को सतर्क कर देते हैं कि किसी घर में चूल्हा न जले। ऐसी स्थिति के बाद समिति द्वारा ही सत्तू और चूड़ा की व्यवस्था की जाती है, जिसे सभी घरों में परिवार के हिसाब से भेज दिया जाता है।
बिलदौर प्रखंड के तिलीहा ग्राम पंचायत की मुखिया सुमा देवी कहती हैं कि समिति के लोग ही खराब चापाकलों को बनाते हैं तथा कुओं के पास बाल्टी और रस्सी की व्यवस्था करते हैं कि ताकि आग पर तुरंत काबू पाया जा सके।
कई ग्राम पंचायत के लोग तो लाउडस्पीकर द्वारा लोगों को आग से बचने के तमाम हिदायतें देते हैं। इतना नहीं अगर किसी की लापरवाही से आग लग जाती है तो उस पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया जाता है। मानसी प्रखंड के अमनी ग्राम पंचायत के मुखिया प्रमोद सिंह बताते हैं कि वर्ष 2008 में गांव में आग लगी थी तो समिति के लोगों ने तुरंत उस पर काबू पा लिया था।
सुपौल जिले के ग्रामीण रामलाल का कहना है कि आग लगने की सूचना जिला मुख्यालय तक देने और अग्निशमन दस्ते के यहां तक आने के पूर्व ही गांव जल जाएंगे इस कारण ग्राम समितियों का गठन एक अच्छी और कारगर पहल है।
उल्लेखनीय है कि बिहार में इस वर्ष गर्मी में 5,000 से ज्यादा घर जलकर राख हो चुके हैं तथा 20 से ज्यादा लोगों की आग से झुलसने से मौत हो चुकी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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