हिंदू संस्कार लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता के लिए महत्वपूर्ण : आडवाणी

आडवाणी ने अपने ब्लॉग पर ताजा पोस्ट 'लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता की जड़ों' में कहा, "मानव के इतिहास में धर्म के क्षेत्र में विभिन्न मुद्दों पर सबसे अधिक असहिष्णुता देखी गई है।"

उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों के विपरीत भारत में धार्मिक क्षेत्र में भी एक खुले दिमाग वाला और उदारवादी रवैया रहा है।

आडवाणी ने न्यूजवीक इंटरनेशनल के संपादक फरीद जकारिया की किताब 'पोस्ट अमेरिकन वर्ल्ड' का हवाला दिया जिसमें कहा गया है कि हिंदुओं के हर संप्रदाय और उप संप्रदाय के अलग-अलग देवी, देवता और अवतार हैं।

लेखक का हवाला देते हुए आडवाणी ने कहा कि हर परिवार ने हिंदू धर्म का अपना अलग संस्करण विकसित किया है। आप अपने विश्वास का सम्मान कर सकते हैं, किसी अन्य का नहीं। आप प्रार्थना करें या नहीं। आप शाकाहारी हो सकते हैं या मांस खा सकते हैं। इन सभी विकल्पों से यह तय नहीं होता कि आप हिंदू हैं या नहीं। हिंदू धर्म में कोई विधर्म या धर्म त्याग नहीं होता क्योंकि वहां आस्था की मूल मान्यताओं, सिद्धांतों या आज्ञाओं का कोई निर्धारित स्वरूप नहीं है।

आडवाणी ने कहा, "जकारिया का तर्क है कि गैर सैद्धांतिक चरित्र ने हिंदू धर्म को समायोजन और समावेश की शक्ति दी है। मैं बताना चाहूंगा कि यह हिंदू संस्कार है जो भारत में लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता की सफलता के लिए जिम्मेदार है।"

आडवाणी ने कहा कि 1980 के दशक में जब वह भाजपा अध्यक्ष थे तो कनाडा के एक चैनल ने उनसे 'विश्व में लोकतंत्रों का उदय और पतन' नामक श्रृंखला पर एक साक्षात्कार लिया था।

आडवाणी ने कहा कि वे जानना चाहते थे कि भारत में लोकतंत्र इतना सफल क्यों हुआ।

आडवाणी ने अपने जवाब में कहा, "लोकतंत्र की सफलता के लिए सबसे महत्वपूर्ण तत्व देश के लोगों का किसी भी मुद्दे पर विभिन्न दृष्टिकोणों का होना स्वीकार करना और विभिन्न रुखों के प्रति सहिष्णुता रखना है। और भारत में इसकी कभी कमी नहीं रही।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+