'नई दिल्ली गंभीर है तो उल्फा बातचीत करेगा'
गुवाहाटी, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। असम में नवगठित सिटिजन्स फोरम ने रविवार को दावा किया है कि यदि नई दिल्ली बातचीत के प्रति गंभीर है तो प्रतिबंधित युनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) का शीर्ष नेतृत्व, कमांडर इन चीफ परेश बरुआ सहित सरकार के साथ शांति वार्ता के लिए तैयार होगा।
उल्फा और सरकार के बीच शांति वार्ता की मध्यस्थता के लिए पिछले सप्ताह लेखकों, पूर्व पुलिस अधिकारियों, शिक्षाविदों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के 11 सदस्यीय फोरम का गठन किया गया है।
फोरम के संयोजक हिरेन गोहैन ने यहां संवाददाताओं से कहा, "हमें उल्फा नेतृत्व से कुछ अनौपचारिक संकेत मिले हैं कि यदि सरकार गंभीर है तो यहां तक कि परेश बरुआ भी इस बातचीत का विरोध नहीं करेंगे।"
इस फोरम को ऐसे समय में गठित किया गया है, जब उल्फा के दो शीर्ष नेताओं (उपाध्यक्ष प्रदीप गोगोई और प्रचार प्रमुख मिथिंगा दैमारी) ने राज्य के प्रमुख नागरिकों से मुलाकात की और अवरुद्ध पड़ी शांति प्रक्रिया को बहाल करने में मदद की अपील की।
उल्फा के ये दोनों नेता फिलहाल जमानत पर जेल से बाहर है। गुवाहाटी की एक अदालत ने पिछले महीने उन्हें न्यायिक हिरासत से रिहा कर दिया था।
इस फोरम ने शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के मकसद से, समाधान तलाशने हेतु 24 अप्रैल को एक राज्यस्तरीय सम्मेलन का यहां आयोजन किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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