'परमाणु आतंकवाद को रोकने के प्रयास को मिलेगा समर्थन'
अमेरिकी रक्षा नीति मामलों के प्रधान उप सचिव जेम्स एन.मिलर ने कहा, "मेरा मानना है कि परमाणु आतंकवाद को रोकने और सुरक्षा मानदंडों को बनाए रखने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सहमति है।"
मिलर ने कहा कि ओबामा ने चार वर्षो के भीतर सभी संवेदनशील परमाणु पदार्थो की सुरक्षा का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि आगामी सम्मेलन में उनके इन प्रयासों को समर्थन मिलेगा।"
अमेरिका में परमाणु सुरक्षा सम्मेलन 12-13 अप्रैल को आयोजित होगा। माना जा रहा है कि सम्मेलन के अंत में परमाणु आतंकवाद के खिलाफ एक बयान जारी होगा। सम्मेलन में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित 47 देशों के नेता हिस्सा लेंगे।
सम्मेलन का लक्ष्य परमाणु आतंकवाद के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सहमति कायम करना है। इसके अलावा सभी देशों को परमाणु हथियारों को आतंकवादियों की पहुंच से दूर रखने के लिए व्यावहारिक कदम उठाने के लिए प्रेरित करना है।
मिलर ने कहा कि बैठक में विश्व के नेता परमाणु सुरक्षा संबंधी उपायों पर चर्चा करेंगे। परमाणु अप्रसार और शस्त्र नियंत्रण मामलों के विशेष दूत रॉबर्ट जे एनहॉर्न ने कहा कि सम्मेलन के अंत में जारी होने वाले संयुक्त बयान में सभी नेता परमाणु सुरक्षा मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त करेंगे।
पाकिस्तान की ऊर्जा जरूरतों के बारे में रॉबर्ट ने कहा कि ओबामा प्रशासन ने अंतर्राष्ट्रीय असैन्य परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में एक नए कदम का समर्थन करता है, जिसके तहत विश्व के सभी देशों को परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण प्रयोग की अनुमति मिलती है।
रॉबर्ट ने कहा कि ऐसे मुद्दों को परमाणु सुरक्षा सम्मेलन में नहीं उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसे मई में प्रस्तावित समीक्षा बैठक में उठाया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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