नक्सली हमले में 10 शहीद, चिदंबरम ने उन्हें कायर बताया (राउंडअप)
पुलिस उपमहानिरीक्षक संजीब पांडा ने आईएएनएस को बताया कि नक्सलियों ने बायपारीगुडा कस्बे से 14 किलोमीटर दूर उस समय बारूदी सुरंग विस्फोट किया जब बड़ी संख्या में विशेष कार्रवाई समूह (एसओजी) के सुरक्षाकर्मी तीन वाहनों में सवार होकर वहां से गुजर रहे थे।
पांडा ने बताया, "नक्सलियों ने एक बस को विस्फोट से उड़ा दिया। वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कम से कम 10 सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।" हमले में कम से कम तीन लोग घायल भी हुए हैं।
हाल के दिनों में उड़ीसा में हुआ यह सबसे गंभीर नक्सली हमला है। राज्य का आधे से अधिक हिस्सा नक्सल प्रभावित है। राजधानी भुवनेश्वर से करीब 500 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कोरापुट जिले को नक्सलियों का गढ़ माना जाता है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2001 से 2009 के बीच नक्सली हमले में कम से कम 145 पुलिसकर्मी और 93 आम नागरिक मारे जा चुके हैं। दूसरी तरफ पुलिस कार्रवाई में इस दौरान केवल 61 नक्सली मारे गए हैं।
इस बीच पश्चिम बंगाल के नक्सल प्रभावित पश्चिमी मिदनापुर जिले के लालगढ़ में रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने लोगों से अपील की कि वे नक्सलियों का समर्थन न करें क्योंकि वे देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन चुके हैं।
इलाके के संक्षिप्त दौरे पर आए चिदंबरम ने कहा, "वे (नक्सली) कायर हैं। वे जंगलों में क्यों छिपे हैं? अगर वे वास्तव में विकास चाहते हैं तो बातचीत के लिए आगे आ सकते हैं।"
चिदंबरम ने कहा कि सरकार ने वार्ता के लिए केवल हिंसा छोड़ने की शर्त रखी है जिससे हाल के वर्षो में सैकड़ों लोगों की मौत हुई है।
चिदंबरम ने कहा कि नक्सल विरोधी अभियान से छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में सुधार आया है हालांकि उड़ीसा और झारखण्ड में स्थिति अभी भी चिंताजनक है लेकिन यह लंबे समय तक चलने वाली लड़ाई है। इसमें दो-तीन साल का समय लगेगा।
उन्होंने कहा, "इस अभियान का अच्छा पहलू यह है कि केंद्रीय और राज्य के सुरक्षा बलों ने कई नक्सलियों को गिरफ्तार किया है जबकि इसका कमजोर पक्ष यह है कि अब भी नक्सली लोगों की हत्या को अंजाम दे रहे हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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