प्लास्टिक लगे सौर पैनल सस्ते होंगे
वैश्विक तापमान में वृद्धि और ऊर्जा जरूरतों को लेकर जिस तरह चिंताएं बढ़ रही हैं ऐसे में सस्ता होने के नाते प्लास्टिक, इंडियम टिन ऑक्साइड (आईटीओ) का विकल्प बन सकता है। सौर पैनल में इस समय आईटीओ का प्रयोग किया जाता है, जो अपेक्षाकृत महंगा है।
शोध दल की अगुवाई करने वाले प्रिंसटन विश्वविद्यालय में रसायन इंजीनियरिंग के प्रोफेसर यूह-लिन लू ने कहा, "प्लास्टिक का अस्तित्व काफी समय पहले से है लेकिन पहली बार इसका उपयोग बिजली उत्पन्न करने में किया जा रहा है।"
उन्होंने कहा, "उच्च चालकता बरकरार रखते हुए हम प्लास्टिक के लाभदायक उपयोगों को बढ़ावा दे सकते हैं।"
शोध की इस शाखा को कार्बनिक इलेक्ट्रॉनिक्स के नाम से जाना जाता है क्योंकि जीवित प्राणियों की तरह प्लास्टिक भी एक कार्बन वाला पदार्थ है।
लू कहते हैं, "हमने पहले कठोर संरचना वाले प्लास्टिक को बनाने के बारे में जाना यह विद्युत प्रवाह के लिए अवरोध उत्पन्न करता है।"
उनके अनुसार, "जब हमें इस समस्या का पता चल गया तो हमने प्लास्टिक की संरचना को आसान करने का तरीका खोजा। इसके लिए हमने एक अम्ल का प्रयोग किया और प्लास्टिक को उस रूप में ले आए जैसा हम चाहते थे।"
उन्होंने कहा, "इस विधि से हम प्लास्टिक ट्रांजिस्टर बनाने में कामयाब हो गए। प्लास्टिक ट्रांजिस्टर इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का मौलिक घटक है जिसका उपयोग इलेक्ट्रॉनिक संकेतों को बढ़ाने और बदलने में किया जाता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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