कमर से जुड़ी जुड़वां बच्चियों को अलग करेंगे शल्य चिकित्सक
नई दिल्ली, 31 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली के चिकित्सकों का एक दल जल्दी ही कमर से जुड़ी डेढ़ साल की जुड़वां बच्चियों को अलग करने के लिए शल्यक्रिया करेगा।
राजधानी के बत्रा अस्पताल के चिकित्सक बिहार की इन जुड़वां बच्चियों सीता और गीता को अलग करने से पहले उनके स्वास्थ्य की जांच कर रहे हैं।
बत्रा अस्पताल के चिकित्सक डॉ. संजीव बगाई ने बताया, "उनके सिर, हाथ और पैर अलग-अलग हैं लेकिन वे दोनों कमर के जरिए एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं और उनमें मल व मूत्र उत्सर्जन के अंग एक ही हैं। यह एक चुनौतीपूर्ण और जोखिमभरा काम है लेकिन हमें दोनों बच्चियों को कुशलता से अलग कर पाने की उम्मीद है।"
चिकित्सकों के मुताबिक एक-दूसरे से जुड़े संयुक्त जुड़वां बहुत दुर्लभ होते हैं। प्रत्येक 200,000 जन्मों में केवल एक ही जन्म इस तरह का होता है। जुड़े हुए जुड़वाओं के जीवित रहने की संभावना पांच से 25 प्रतिशत तक होती है। पिछले 500 वर्षो के आंकड़े बताते हैं कि करीब 600 जुड़े हुए जुड़वां बच्चे जीवित रह पाए हैं।
बच्चियों के पिता सुभाष मुखिया बिहार के पश्चिमी चम्पारन जिले के भवानीपुर गांव में मजदूरी करते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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