पूर्वोत्तर में ओलावृष्टि से भारी तबाही
अगरतला/आईजोल, 30 मार्च (आईएएनएस)। त्रिपुरा, मिजोरम और मणिपुर में मानसून पूर्व आई आंधी और ओलों के साथ हुई बारिश ने सैकड़ों घरों, बड़े पैमाने पर पेड़ों, बिजली और टेलीफोन के खम्भों को उखाड़कर रख दिया है। बड़े पैमाने पर फसलें भी बरबाद हो गई हैं।
इन राज्यों से जुड़े अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि रविवार और सोमवार रात में इन राज्यों में जमकर बारिश हुई। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई जख्मी हो गए। कई मवेशी भी मारे गए हैं।
मौसम विज्ञान विभाग के निदेशक दिलीप साहा ने आईएएनएस को बताया, "चक्रवाती बारिश मानसून आने तक जारी रहेगी। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत सहित देश के कुछ हिस्सों में मौसमी चक्रवात सक्रिय बना हुआ है।"
दक्षिणी त्रिपुरा के अमारपुर में सोमवार रात में बिजली गिरने से एक 21 वर्षीय युवा की मौत हो गई और सात घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
राज्य राहत विभाग के एक अधिकारी ने बताया, "पिछले दो दिनों के दौरान पूरे त्रिपुरा में तेज हवाओं और गरज के साथ बारिश हुई। इससे फसलें बरबाद हो गईं और बिजली व टेलीफोन के खम्भें उखड़ गए। साथ ही 300 से ज्यादा घर भी ध्वस्त हो गए हैं।"
मिजोरम में आईजोल, कोलासिबा सरछिप और लुगलेई जिले में चक्रवाती तूफान से 600 से अधिक घर ध्वस्त हो गए और कम से कम 20 लोग घायल हो गए।
मिजोरम के मुख्यमंत्री लाल थन्हवला ने राज्य विधानसभा में चक्रवाती बारिश से राज्य के कई हिस्सों के प्रभावित होने और कम से कम 400 घर ध्वस्त होने की पुष्टि की।
मणिपुर में भी आंधी-बारिश ने कम से कम 400 घरों को ध्वस्त कर दिया है और इसमें 15 लोग जख्मी हो गए हैं। इनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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