मास्को विस्फोटों में 'ब्लैक विडो' का हाथ होने का अंदेशा
समाचार एजेंसी एकेआई के अनुसार सोमवार को क्रेमलिन में एक आपात बैठक में संघीय सुरक्षा सेवा (एफएसबी) के प्रमुख अलेक्जेंडर बोर्तनिकोव ने राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव से कहा कि संभवत: आत्मघाती हमलावर 'ब्लैक विडो' महिलाएं थीं।
रूस में 'ब्लैक विडो' उन महिलाओं को कहा जाता है, जिनके पति, भाई या नजदीकी संबंधी चेचन युद्ध में मारे गए थे। इस संगठन में कॉकेशस क्षेत्र की महिलाएं शामिल हैं।
सोमवार के विस्फोटों की जिम्मेदारी फिलहाल किसी संगठन ने नहीं ली है।
सूत्रों के अनुसार मेट्रो में लगाए वीडियो यंत्रों की सहायता से हमलावरों की पहचान हो गई है। स्टेशन में स्थापित अन्य कैमरों की रिकार्डिग में दो अन्य महिलाओं और एक पुरुष को भी दिखाई दे रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार विस्फोट स्थल से दो आत्मघाती महिला हमलावरों के क्षतविक्षत शव बरामद हुए थे।
सोमवार को मास्को में पहला विस्फोट लुब्यांका स्टेशन पर सुबह सात बजकर 56 मिनट पर हुआ। दूसरा विस्फोट नजदीकी पार्क कुलतुरी स्टेशन पर आठ बजकर 40 मिनट पर हुआ। इन विस्फोटों में कम से कम 38 लोग मारे गए और 70 से अधिक घायल हो गए।
प्रधानमंत्री ब्लादिमिर पुतीन ने इन विस्फोटों को भयानक और घृणित करार दिया। संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून, अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा, ब्रिटिश प्रधानमंत्री गोर्डन ब्राउन और फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी ने इनकी निंदा की है।
मास्को में फरवरी 2004 में भी मेट्रो में विस्फोट हुए थे, जिसमें 39 लोग मारे गए थे। इस घटना के छह माह बाद एक आत्मघाती हमलावर ने एक अन्य स्टेशन के बाहर खुद को उड़ा लिया था, जिसमें 10 लोग मारे गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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