मास्को में दोहरे विस्फोट में 38 की मौत (राउंडअप)
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार आपात स्थिति मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि लुब्यांका स्टेशन सुबह आठ बजने के ठीक पूर्व हुए पहले विस्फोट में 24 लोग मारे गए हैं और 20 लोग घायल हो गए हैं। यह स्टेशन फेडरल सिक्युरिटी सर्विस (एफएसबी) के मुख्यालय के पास स्थित है।
समाचार एजेंसी इंटरफैक्स ने खबर दी है कि नजदीक के पार्क कुलतुरी स्टेशन पर आठ बजकर 45 मिनट पर हुए दूसरे विस्फोट में 14 लोग मारे गए हैं और 15 लोग घायल हो गए। यह स्टेशन क्रेमलिन से थोड़ी ही दूरी पर स्थित है।
विस्फोटों के बाद स्टेशनों पर अफरातफरी मच गई और घायल यात्री मेट्रो स्टेशनों से बाहर की ओर भागने लगे। ज्यादातर यात्री सप्ताह के प्रथम दिन अपने काम पर जा रहे थे।
सैकड़ों की संख्या में बचाव कर्मी घटनास्थल पर पहुंच गए। जांचकर्ताओं ने मामले की आपराधिक जांच शुरू कर दी।
मास्को के मेयर यूरी लुझकोव ने बताया कि शुरूआती जांच में पता चला है कि विस्फोटों के लिए महिला आत्मघाती हमलावर जिम्मेदार हैं।
पुलिस सूत्र के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक घटनास्थल पर मिले मानव अंगों से पता चला है कि इसे महिला हमलावरों ने अंजाम दिया है।
मास्को के प्रॉसिक्यूटर यूरी सेमिन ने बताया कि लुब्यांका और कुलतुरी स्टेशनों पर हुए विस्फोटों में प्रत्येक में दो-तीन किलोग्राम टीएनटी जितनी क्षमता वाला विस्फोटक इस्तेमाल में लाया गया है। सेमिन ने बताया कि विस्फोट की पहली घटना में आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटक अपने शरीर से बांध रखे थे। हालांकि इस बात का भी अंदेशा है कि विस्फोट संभवत: समन्वित रहे हों और शायद उन्हें सेल फोन से अंजाम दिया गया हो।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार घटनास्थल पर मौजूद संवाददाताओं का कहना है कि दोनों स्टेशनों के आसपास का यातायात दर्जनों एंबुलेंस तथा जांचकर्ताओं के वाहनों की वजह से जाम हो गया है। घायलों को हेलीकॉप्टर से ले जाया गया है।
मास्को के स्थानीय प्रशासन से संबद्ध एक अधिकारी के अनुसार ज्यादातर घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। दोनों स्टेशन एक ही सबवे रेडलाइन पर हैं, जिसे अभी बंद कर दिया गया है। रूस के प्रॉसिक्यूटर जनरल यूरी चायका विस्फोटों की जांच की निगरानी करेंगे।
उल्लेखनीय है कि इसके पहले छह फरवरी 2004 को मेट्रो स्टेशन में विस्फोट हुआ था। उस समय विस्फोट में कम से कम 41 लोग मारे गए थे और 130 से ज्यादा घायल हो गए थे।
रूसी राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव ने सोमवार की सुबह आतंकी हमले के बाद पूरे देश में सुरक्षा कड़ी करने के आदेश दे दिए हैं।
मेदवेदेव ने कहा, "इस तरह के आतंकी हमलों को रोक पाना और परिवहन में सुरक्षा मुहैया करा पाना कठिन है।"
रूस के शीर्ष जांचकर्ता व्लादमीर मार्किन के हवाले से आरआई नोवोस्ती ने कहा है कि आतंकवादी घटना मान कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने खोजी कुत्तों के साथ अन्य स्टेशनों का भी निरीक्षण किया है। मास्को में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। मास्को के रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
फेडरल सिक्युरिटी सर्विस के प्रमुख अलेक्जेंडर बोर्तनिकोव ने कहा, "प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक इन आतंकी हमलों को नार्थ कौकासस क्षेत्र से संबंधित आतंकी संगठनों ने अंजाम दिया है। हम इसे प्राथमिक जानकारी के तौर पर लेंगे, क्योंकि जिन दो महिला आत्मघाती हमलावरों के शव बरामद हुए हैं, वे नार्थ कौकासस की रहने वाली हैं।"
दूसरी ओर मेदवेदेव को लिखे एक पत्र में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है, "मास्को में विस्फोट की घटनाओं की खबर पाकर मुझे गहरा दुख हुआ है, जिसमें इतने सारे बेगुनाह लोग मारे गए हैं।"
मनमोहन सिंह ने कहा है, "भारत सरकार और यहां की जनता की ओर से मैं अपनी गहरी शोक संवेदना व्यक्त करता हूं। मैं आपको विश्वास दिलाना चाहता हूं कि आतंकी और हिंसक ताकतों के खिलाफ लड़ाई में भारत रूस के साथ है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications