अमेरिका-भारत पुनप्र्रसंस्करण समझौते पर बनी सहमति
दोनों देशों के बीच हुए ऐतिहासिक परमाणु समझौते के क्रियान्वयन की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
रोमर ने कहा कि दोनों देशों ने अमेरिका से हासिल परमाणु ईंधन के भारत द्वारा पुनप्र्रसंस्करण के समझौते को अंतिम रूप दे दिया है।
उन्होंने कहा कि परमाणु अप्रसार के क्षेत्र में भारत का रिकार्ड बेदाग है। दोनों देशों के हितों और वैश्विक साझेदारी के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
अमेरिकी राजदूत ने कहा कि समझौते के बाद भारत अमेरिका के परमाणु ईंधन को अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के सुरक्षा नियमों के तहत पुनप्र्रसंस्करित कर सकेगा।
वाशिंगटन में 12-13 अप्रैल को होने वाले परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए मनमोहन सिंह के दौरे के पहले एक सकारात्मक माहौल बनाते हुए रोमर ने कहा कि मनमोहन सिंह दुनिया को परमाणु हथियारों से मुक्त कराने के राष्ट्रपति बराक ओबामा के साहसी रुख से सहमत हैं।
परमाणु ईंधन पुनप्र्रसंस्करण समझौते पर सहमति मार्च के प्रथम सप्ताह में आर.बी. ग्रोवर के नेतृत्व में भारत के परमाणु ऊर्जा विभाग के अधिकारियों और रिचर्ड स्ट्रेटफोर्ड के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई तीसरे दौर की वार्ता में कायम हुई।
इसके बदले में भारत सरकार नागरिक परमाणु जवाबदेही विधेयक को संसद से पारित कराने के लिए कड़ा प्रयास कर रही है। इससे परमाणु दुर्घटनाओं में मुआवजे की राशि की अधिकतम सीमा तय हो जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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