घरेलू हिंसा से सुरक्षा के लिए नियमों की समीक्षा (लीड-1)
महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे घरेलू हिंसा के मामलों को देखते हुए यह संसदीय समिति ऐसी हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए कानून के क्रियान्वयन के वास्ते निर्धारित नियमों की समीक्षा कर रही है। समिति ने इसके लिए विशेषज्ञों से भी राय मांगी है।
गौरतलब है कि ये नियम महिलाओं की हिफाजत के लिए घरेलू हिंसा संरक्षण अधिनियम 2005 लागू करने के वास्ते बनाए गए थे।
राज्यसभा सचिवालय से सोमवार को जारी एक अधिसूचना में कहा गया है, "घरेलू हिंसा के बढ़ते मामलों और कानून में मौजूद खामियों का फायदा उठाकर बच रहे आरोपियों को देखते हुए इन नियमों की समीक्षा करना आवश्यक हो गया है।"
समिति ने संगठनों, संस्थाओं, व्यक्तिओं और विशेषज्ञों से इस मामले में सुझाव भी आमंत्रित किए गए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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