बातचीत से बढ़ती है शिशुओं की दिमागी ताकत
वेबसाइट 'डेलीमेल डॉट को डॉट यूके' की रिपोर्ट में कहा गया है कि तीन महीने की उम्र से ही शिशु शब्द उसके मस्तिष्क के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने लगते हैं। उनके दिमाग पर अन्य ध्वनियों की तुलना में शब्दों का असर ज्यादा होता है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि इस शोध में तीन महीने के लगभग 50 बच्चों को शामिल किया गया था, जिनमें लड़के और लड़कियां दोनों थे। बच्चों के इस अध्ययन में मछली की तस्वीरों, शब्दों और अन्य प्रकार की आवाजों को शामिल किया गया।
शोधकर्ताओं ने बच्चों के देखने के लिए एक मछली और एक डायनासोर की तस्वीर को लगाया। पैमाना यह था कि किस तस्वीर की तरफ बच्चों की निगाह कितनी अधिक जाती है। मछली की ओर अधिक निगाह जाने का अर्थ था कि शिशु के दिमाग में उसकी छवि पहले से ही है।
अध्ययन के अनुसार शिशु अपने अभिभावकों के वार्तालाप को ध्यान से सुनते हैं और उनके लहजे की अनुसरण करते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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