दुनिया भर में मना 'अर्थ आवर'
शनिवार
रात ठीक साढ़े आठ बजे अपने अपने टाइम ज़ोन के हिसाब से लंदन के बकिंघम पैलेस, पेरिस के एफिल टावर, न्यूयॉर्क की एपांयर स्टेट बिल्डिंग, दुबईस्थित दुनिया की सबसे ऊंची इमारत 'बुर्ज ख़लीफ़ा' और बीजिंग की बर्ड्स नेस्ट स्टेडियम की बिजली गुल रही. id="toptextpromo">एक
घंटे तक दुनिया भर में यही नज़ारा था. ये बिजली संकट पैदा नहीं था बल्कि दुनिया भर में शनिवार को 'अर्थ आवर' मनाया जा रहा था. इस अभियान के तहत दुनिया के 120 देशों के चार हज़ार शहरों में एक घंटे बिजली बंद कर बिजली और पर्यावरण को बचाने का प्रयास किया गया. दरअसल विकास की अंधाधुंध दौड़ ने दुनिया के सामने पर्यावरण संकट कर दिया है. id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>ऐसे
में कुछ लोगों को ख्याल आया कि कम से कम 60 मिनट के लिए ही हम ऊर्जा की बेतहाशा खपत पर लगाम लगाएं. इस तरह मार्च, 2007 में ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर से 'अर्थ आवर" की शुरुआत हुई. उस समय इसमें 35 देशों और क़रीब 20 लाख लोगों ने भाग लिया था. तब से हर साल मार्च के आखिरी शनिवार को 'अर्थ आवर" मनाया जाता है. एक शहर से शुरू हुई इस अनोखी पहल में शनिवार को दुनिया के सैकड़ों शहर शामिल हो चुके हैं. एक घंटे के लिए ये शहर इस उम्मीद में अंधेरे में डूब जाते हैं कि आने वाली पीढ़ियों को प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की मार न झेलनी पड़े.











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