प्रजनन में असमर्थ पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर का खतरा अधिक
लंदन, 23 मार्च (आईएएनएस)। एक नए अध्ययन में खुलासा हुआ है कि जो पुरुष प्रजनन में असमर्थ होते हैं उन्हें जीवन के अंतिम दिनों में प्रोस्टेट कैंसर होने की आशंका अधिक होती है।
यह अध्ययन 20,000 पुरुषों पर किया गया। जिससे पता चला कि कैंसर और शुक्राणु उत्पादन में कमी के कारण एक जैसे ही होते हैं और इसलिए प्रजनन में असमर्थ पुरुषों को इस बीमारी के लिए जांच करा लेनी चाहिए।
वेबसाइट 'डेली मेल डॉट को डॉट यूके' के मुताबिक अध्ययन के दौरान अमेरिकी शोधकर्ताओं ने 22,000 पुरुषों के स्वास्थ्य की तुलना की और पाया कि अन्य पुरुषों के मुकाबले प्रजनन के अयोग्य युवाओं में उनके जीवन के अंतिम वर्षो में प्रोस्टेट कैंसर विकसित होने लगता है।
वाशिंगटन विश्वविद्यालय के अध्ययन दल का विश्वास है कि लिंग गुणसूत्रों में गड़बड़ी होने या टूटे-फूटे डीएनए के खुद की मरम्मत करने के ढंग में त्रुटियां होने के कारण ऐसा हो सकता है।
ब्रिटिश विशेषज्ञों का मानना है कि प्रजनन के अयोग्य लोगों को प्रोस्टेट कैंसर की जांच कराने की सलाह देने से पहले इस दिशा में और अधिक शोध की आवश्यकता है।
ब्रिटेन में कैंसर शोध से जुड़े एड यांग का कहना है कि इस शोध से पता चला है कि प्रोस्टेट कैंसर के और भी कई कारण हैं, जिनका अब तक पता नहीं चल सका है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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