परमाणु दायित्व विधेयक के पक्ष में है फिक्की
वाशिंगटन, 21 मार्च (आईएएनएस)। फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (फिक्की) के अध्यक्ष राजन भारती मित्तल का कहना है कि आणविक ऊर्जा के क्षेत्र में भारत में निवेश की असीम संभावनाएं हैं। उन्हें भरोसा है कि अधिक से अधिक विदेशी कंपनियों को निवेश के लिए प्रोत्साहित करने के लिए विवादास्पद परमाणु दायित्व विधेयक को संसद की मंजूरी मिल जाएगी।
मित्तल ने यहां चुनिंदा पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, "भारत में ऊर्जा की बहुत दरकार है। यह दिनोंदिन बढ़ती ही जा रही है। एक समय के बाद से इसे संभाल पाना मुश्किल होगा।"
उन्होंने कहा, "अमेरिकी कंपिनयों की भी नजर आणविक नुकसान के लिए नागरिक दायित्व विधेयक पर टिकी हैं। क्योंकि यह ऐसा क्षेत्र है जिसमें भारत में निवेश के द्वार खुलेंगे।"
इस विधेयक के बारे में वाम दलों द्वारा यह आपत्ति जताए जाने कि इससे अमेरिकी कंपनियों को छूट मिलेगी, मित्तल ने कहा कि इस विधेयक में 10 करोड़ डॉलर की सीमा निर्धारित है।
उन्होंने कहा, "दायित्व की सीमा कितनी हो, इस बारे में मैं कुछ नहीं कहना चाहूंगा। यह तय करना सरकार का काम है। और यह सिर्फ अमेरिका के लिए ही नहीं है। वैश्विक है।"
उन्होंने उम्मीद जताई कि इस विधेयक का हो रहे विरोधों पर सरकार कोई न कोई रास्ता निकालेगी।
मित्तल ने कहा, "हर कोई रिएक्टर तैयार कर रहा है। परमाणु ऊर्जा के मद्देनजर भारत बहुत आगे निकल सकता है।"
यह पूछे जाने पर कि विधेयक के संसद से पारित होने में हो रही देरी से अमेरिकी कंपनियां निराश हैं, उन्होंने कहा, "वे भारत के मसलों को अच्छी तरह समझती हैं। वे यह भी समझती हैं कि लोकतंत्र में उन्हें भी सावधान रहना चाहिए।"
उन्होंने कहा कि ऊर्जा के अलावा रक्षा क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग के व्यापक आसार हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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