जल के अधिकतम सदुपयोग का संकल्प लें : गहलोत
विश्व जल दिवस (22 मार्च) पर अपने संदेश में गहलोत ने कहा कि पानी अमूल्य है और इसे बचाना हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है। पानी प्रकृति की अनमोल देन के रूप में ऐसा संसाधन है, जिसका निर्माण नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि राज्य में भूमिगत जल का स्तर लगातार नीचे जा रहा है। प्रदेश में बढ़ती आबादी, बदलती जीवन शैली, वर्षा की कमी एवं भूमिगत जल के अत्यधिक दोहन के कारण राज्य के 164 ब्लॉक ओवर एक्सप्लॉईटेड, 34 ब्लॉक क्रिटीकल एवं 8 ब्लॉक सेमी क्रिटीकल श्रेणी में आ गए हैं और केवल 30 ब्लॉक ही फिलहाल सुरक्षित बचे हैं, जो हमारे लिए चिंता का विषय है। अत: समय की आवश्यकता है कि पानी बचाने के लिए हर स्तर पर सामूहिक प्रयासों के साथ चिंतन और मनन किया जाए, जिससे आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी हिस्सों में समुचित जल प्रबंधन के लिए प्रतिबद्घ है। यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में गम्भीरता पूर्वक प्रयास लगातार जारी हैं। उन्होंने कहा कि विश्व जल दिवस के अवसर पर हमें सही मायनों में जल संरक्षण के प्रति दिल से जवाबदेही निभाने का प्रण लेना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications