गाजा से नाकेबंदी हटाए इजरायल : मून (लीड-1)
समाचार एजेंसी 'डीपीए' के अनुसार, खान यूनिस शहर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बान ने कहा कि नाकेबंदी स्वीकार्य नहीं है। इससे लोगों की समस्याएं बढ़ी हैं और आतंकवादियों को बढ़ावा मिला है।
एक इजरायली सैनिक गिलाड शालित को पकड़ने और गाजा के आतंकवादियों द्वारा सीमा पार हमले के बाद इजरायल ने जून 2006 से इस क्षेत्र में कड़ी नाकेबंदी कर रखी है।
बान ने जबालिया शरणार्थी शिविर और खान यूनिस में संयुक्त राष्ट्र प्रायोजित आवासीय परियोजना का दौरा किया।
इजरायल ने अपने दक्षिणी कस्बों और गांवों पर आतंकवादियों द्वारा रॉकेट हमले के जवाब में दिसंबर 2008 में यहां हमला किया था।
मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, 22 दिन किए गए हमले में करीब 1400 फिलिस्तीनी मारे गए, जिनमें ज्यादातर आम नागरिक थे। इसके अलावा हजारों इमारतें नष्ट हो गईं थी।
बान ने कहा, "गाजा में ऐसे विनाश को देखकर निराशा होती है जिसका पुननिर्माण भी संभव नहीं लगता।"
उन्होंने कहा, "मैं ऐसी किसी भी सैन्य कार्रवाई की निंदा करता हूं जिससे लोग मारे जाते हों।"
मून की इस यात्रा का उद्देश्य क्षेत्र में ठप पड़ी शांति वार्ता को पुनर्जीवित करना है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव की यह यात्रा मास्को में हुई अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थों (संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका, यूरोपीय संघ और रूस) की बैठक के बाद हो रही है। इस बैठक में निर्णय लिया गया था कि इजरायल इस क्षेत्र में बस्तियां बसाने की अपनी सभी गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाए और इजरायल-फिलिस्तीन शांति वार्ता को दोबारा शुरू करने का वादा करे।
मून ने शनिवार को पश्चिमी किनारे की अपनी यात्रा के दौरान कहा था कि पूर्वी जेरूसलम में इजरायल की औपनिवेशीकरण की योजना अवैध है।
रामल्ला के पश्चिमी किनारे शहर में फिलिस्तीनी प्रधानमंत्री सलाम फय्याद के साथ बैठक के बाद उन्होंने कहा, "एक स्वतंत्र और व्यवहार्य फिलिस्तीन राष्ट्र के गठन के प्रयासों का हम मजबूती से समर्थन करते हैं।"
उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह इजरायल ने पूर्वी यरूशलम में 1,600 नए घर बनाने को मंजूरी दी थी। फिलिस्तीन यहां भविष्य में अपनी राजधानी बनाना चाहता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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