जल प्रबंधन के क्षेत्र में जागरूकता फैला रहे हैं बच्चे
भोपाल, 21 मार्च (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में जल प्रबंधन के क्षेत्र में समाज में जागरूकता फैलाने में स्कूली बच्चे प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। यहां संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ) के पानी के उचित प्रबंधन संबंधी प्रयासों से प्रेरित होकर बच्चे कदम बढ़ा रहे हैं।
कक्षा 10 का एक छात्र विकास पवार विज्ञान परियोजना के तहत पानी के उचित प्रबंधन के सिलसिले में प्रयोग कर रहा है। वह लोगों को कार्डबोर्ड और प्लास्टर मॉडल की सहायता से समझाने की कोशिश कर रहा है कि पानी का उचित प्रबंधन कैसे किया जाना चाहिए ताकि गर्मी में किल्लत का सामना नहीं करना पड़े।
पवार ने कहा, "विद्यालय के छात्रावास में दो तरह से जल का संरक्षण किया जा रहा है। पहला मानसून के दौरान टैंक में बारिश के पानी का संरक्षण किया जा रहा है। टैंक की क्षमता 50 हजार लीटर है। इस पानी का उपयोग पीने के लिए और भोजन बनाने के लिए किया जा सकता है। इसके अलावा उपयोग किए गए जल को शौचालय के फ्लश में रखकर उसका उचित इस्तेमाल किया जा सकता है। "
कटारा हिल्स इलाके में स्थित सरकारी जनजातीय विद्यालय के छात्रावास में उपयोग किए गए जल का उचित इस्तेमाल किया जा रहा है। विद्यालय के छात्रावास में 209 छात्र रहते हैं। उपयोग किए गए जल का अभिप्राय ऐसे जल से है, जिसका एक बार इस्तेमाल स्नान या कपड़े धोने में किया जा चुका है।
कक्षा 12वीं के एक अन्य छात्र नागमति मालवीय ने कहा कि प्रयुक्त जल को स्पंज फिल्टर से स्नानागार और शौचालय में पहुंचाया जाता है। उन्होंने कहा कि इससे जल का उचित इस्तेमाल संभव है।
फिल्टर के दौरान पानी में मौजूद प्लास्टिक आदि अवयव बाहर निकल जाते हैं और फिर इस पानी को टैंक में इकट्ठा कर लिया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में पांच टैंकों का इस्तेमाल किया जाता है। नागमति ने कहा कि पांच चरणों में पानी को फिल्टर करने से इसमें ऑक्सीजन का प्रवाह हो जाता है, इससे पानी में मौजूद खराब अवयव नष्ट हो जाते हैं।
छात्रावास में मानसून के दौरान (जुलाई से सितंबर) बारिश के पानी को इकट्ठा किया जाता है क्योंकि गर्मी में पानी की किल्लत होती है। गत एक वर्ष में विद्यालय ने 50 हजार लीटर पानी इकट्ठा किया है।
मध्य प्रदेश में यूनीसेफ की मुख्य अधिकारी तान्या गोल्डनर ने कहा कि राज्य के 400 विद्यालयों में पानी के उचित प्रबंधन संबंधी प्रयासों को लेकर काम हो रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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