नौकरियां स्थानीय लोगों को देने के लिए कश्मीर में बनेगा कानून (लीड-1)
जम्मू, 20 मार्च (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर के कानून एवं संसदीय मामलों के मंत्री अली मोहम्मद सागर ने शनिवार को कहा कि राज्य में अंतर-जिला भर्ती पर रोक लगाने के लिए विधानसभा में सोमवार को एक विधेयक पेश किया जाएगा।
सागर ने कहा, "विधायकों द्वारा जाहिर की गई चिंताओं और युवाओं के अधिकारों की रक्षा के मद्देनजर यह विधेयक आवश्यक हो गया है।"
इसके पहले मुख्य विपक्षी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और सत्ताधारी नेशनल कांफ्रेंस के दो विधायकों ने इस विधेयक की की मांग को लेकर शनिवार को राज्य विधानसभा में धरना दिया और बाद में सदन का बहिर्गमन किया।
विधायक कश्मीर घाटी में अनुसूचित जाति (एससी) के उम्मीदवारों के लिए नौकरियों में आठ प्रतिशत का आरक्षण दिए जाने का भी विरोध कर रहे थे। उनका कहना था कि ऐसी स्थिति में जब घाटी में ये उम्मीदवार नहीं हैं तब उनके लिए आरक्षण दिए जाने का मतलब स्थानीय उम्मीदवारों को नौकरी न देना है।
अंतर-जिला भर्ती पर रोक लगाने वाला यह विधेयक कानून एवं संसदीय मामलों के मंत्रालय से संबद्ध है। कहा गया था विधानसभा के बजट सत्र में यह विधेयक पेश किया जाएगा लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ है और विधायक इस बात से खफा थे।
सदन में धरने पर बैठने से पहले नेशनल कांफ्रेंस के विधायक कफिल-उर-रहमान ने कहा, "हम अपने युवाओं को बाहरी लोगों के लिए नौकरियों में आरक्षण दिए जाने का शिकार बनाने की अनुमति नहीं देंगे। जिले की नौकरियों में उन्हीं उम्मीदवारों को लिया जाना चाहिए जो उस जिले से संबद्ध हों।" नेशनल कांफ्रेंस के एक और विधायक सैफ-उल्लाह मीर ने भी उनकी मांग का समर्थन किया।
पीडीपी के अब्दुल रहमान वीरी ने कहा कि सरकार को बिना किसी देरी के यह विधेयक पेश करना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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