बोरवेल में गिरे सूरज की सलामती के लिए सुंदरकांड और कुरआन का पाठ
मलवासा गांव में मंगलवार की शाम को सूरज 400 फुट गहरे बोरवेल में गिर गया था। उसे निकालने का अभियान मंगलवार की रात से ही जारी है। सूरज की सलामती के लिए सभी धर्मो के लोग विभिन्न धार्मिक स्थलों पर प्रार्थना कर रहे हैं। कहीं सुंदरकांड तो कहीं कुरआन का पाठ किया जा रहा है। हर कोई ईश्वर से सूरज की सलामती की दुआ मांग रहा है।
मंगलवार की रात से जारी राहत एवं बचाव का कार्य के तहत गुरुवार की सुबह बोरवेल के समानांतर खोदे जा रहे गड्ढे में रेतीली जमीन के धसक जाने के बाद कलेक्टर महेंद्र ज्ञानी ने सेना से मदद मांगी हैं। सेना से परामर्श के आधार पर खुदाई का काम शुरू कर दिया गया है।
ज्ञानी ने गुरुवार को आईएएनएस को बताया कि जितनी गहराई पर सूरज फंसा हुआ था, वहां उतनी ही गहराई का एक समानांतर गड्ढा खोद लिया गया था और सुरंग बनाने की कोशिश चल रही थी। तभी गड्ढे का एक हिस्सा ढह गया और हादसा होते-होते बच गया। लिहाजा अभियान को आगे जारी रखने में परेशानी आ रही है। इसलिए हमने सेना से मदद मांगी है।
मालूम हो कि मलवासा गांव के निवासी वीरेंद्र राजपूत का छह वर्षीय बेटा सूरज मंगलवार की शाम को खेत में लगे पेड़ से बेर तोड़ने की कोशिश में बोरवेल मे जा गिरा था। 400 फुट गहरे बोरवेल में अब भी वह लगभग 60 फुट की गहराई पर फंसा हुआ है।
सूरज की हरकत पर नजर रखने के लिए सीसी कैमरा लगाया गया है, मगर मंगलवार की रात को 10 बजे के बाद से किसी तरह की हरकत नहीं दिखी है। इतना ही नहीं बच्चे को ऑक्सीजन देने के लिए नली डाली गई है। पोकलैण्ड और जेसीबी मशीनें खुदाई के काम में लगी हैं। इसके बावजूद जारी अभियान में कई तरह की दिक्कतें आ रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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