दिमाग को कुंद करते टीवी शो?

फ़्रांस में दिखाई जाने वाली एक टीवी डॉक्यूमेंट्री 'द गेम ऑफ़ डेथ' को लेकर विवाद खड़ा हो गया है.
इस डॉक्यूमेंट्री में दिखाया गया है कि शो में भाग लेने वाले लोगों को बताया जाता हैं कि वे एक गेम शों में हिस्सा ले रहे हैं और उन्हें अपने प्रतिद्वदियों को बिजली का झटका देना है जिसके लिए वे तैयार भी हैं.
इस नक़ली गेम शो की परिकल्पना इसके निर्माताओं ने यह जानने के लिए की थी कि रियलिटी टीवी शो में भाग लेने वाले कितने लोग नैतिकता या अपनी अंतरात्मा की आवाज़ को अनसुनी कर, शो के प्रस्तुतकर्ता के कहने पर कुछ भी करने को तैयार हो जाते हैं.
शो के प्रस्तुतकर्ता ने प्रतियोगियों को अपने प्रतिद्वंदी प्रतियोगियों को बिजली का तगड़ा झटका देने के लिए कहा.
उनसे यह भी कहा गया कि उन्हें ऐसा करने के बदले कोई पुरस्कार भी नहीं दिया जाएगा.
इसके बाद भी शो में भाग ले रहे 82 फ़ीसदी लोग बिजली का झटका देने को तैयार हो गए.
इन लोगों को यह नहीं पता था कि जो लोग उनके प्रतिद्वंदी हैं, वे वास्तव में कलाकार हैं और कुर्सी में बिजली का तार नहीं जोड़ा गया है.
डॉक्यूमेंट्री के निर्माताओं का कहना है कि यह प्रायोगिक शो अंतरात्मा की आवाज़ के खिलाफ़ या नैतिकता के खिलाफ़ जाकर काम करने में टीवी की बढ़ती भमिका को दिखाता है.
शो के निर्माताओं का कहना है कि उनका यह नक़ली टीवी शो समाज में टीवी रियलिटी शो के बढ़ते खतरे के प्रति चेतावनी भी देता है.
वहीं इसकी विरोध करने वाले लोग इस शो की तुलना नाज़ी यातना शिविरों से कर रहे हैं.












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