कलाम की 'पुरा' परियोजना के पूरा होने के आसार
इस सामाजिक परियोजना का लक्ष्य देश के 626,000 गांवों को विकास की प्रक्रिया से जोड़ते हुए वहां स्वच्छ पेयजल, स्ट्रीट लाइट, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सेवाएं उपलब्ध कराना है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव अरविंद मायाराम ने कहा, "शुरुआत में 8-10 परियोजना लांच करने की तैयारी की जा रही है। इस पायलट परियोजना को 30,000 से 40,000 आबादी वाले इलाके में शुरू किया जाएगा।"
कंसल्टेंसी कंपनी, स्कॉच द्वारा सामाजिक और वित्तीय समावेशन विषय पर आयोजित एक संगोष्ठी में मायाराम ने कहा, "यद्यपि इस परियोजना को सार्वजनिक-निजी भागीदारी के जरिए क्रियान्वित किया जाएगा, लेकिन इसमें सरकार की ओर से बड़ी धनराशि लगाई जाएगी।"
इस परियोजना को वर्ष 2006 में तब शुरू किया गया था, जब कलाम राष्ट्रपति थे लेकिन उस समय इसे सफलता नहीं मिल पाई थी।
मायाराम ने कहा कि शुरू में इस परियोजना के तहत सेवाओं के रखरखाव का कोई प्रावधान नहीं था, लेकिन अब निजी कंपनियों को 10 साल के लिए रखरखाव की जिम्मेदारी दी जाएगी।
कलाम ने कहा था कि शहर-गांव के बीच भेद को खत्म करने के लिए रोजगार सृजन, सौहार्द्र और गांवों में संचार सुविधाएं मुहैया कराने की नितांत आवश्यकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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