श्रीलंका में मानवाधिकार संस्था की योजना पर अड़े मून
मून ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, "पैनल की स्थापना में कोई विलंब नहीं होगा। संयुक्त राष्ट्र महासचिव की हैसियत से ऐसी सलाहकारी संस्था के गठन के लिए कहना मेरे अधिकार में है।"
उन्होंने कहा, "ऐसे मामलों पर पैनल की मुझे दी गई सलाह से श्रीलंका की संप्रभुता का उल्लंघन नहीं होता है।"
गुट-निरपेक्ष आंदोलन के समन्वय ब्यूरो के अध्यक्ष मागेद ए. अब्देलाजिज ने पिछले सप्ताह श्रीलंका के लिए एक सलाहकार पैनल के गठन के मून के फैसले पर चिंता जताई थी।
मून को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि श्रीलंका के मामले में सलाहकार पैनल का गठन उसके घरेलू मामलों में दखल देना है। संयुक्त राष्ट्र चार्टर में ऐसा करने की अनुमति नहीं है।
बान ने कहा, "पत्र से साफ है कि पैनल की प्रकृति के बारे में गलतफहमी है। यह पैनल सीधे मुझे रिपोर्ट देगा, किसी अन्य संस्था को नहीं।"
उल्लेखनीय है कि लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के अंतिम चरण के बाद श्रीलंका सरकार पर युद्ध अपराधों के कई आरोप लगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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