सस्ती मिलेंगी दर्दनिवारक दवाएं!
टोरंटो, 15 मार्च (आईएएनएस)। कनाडाई शोधकर्ताओं ने अफीम के विशेष जीनों (आनुवांशिक रचना) का पता लगाया है। शोधकर्ताओं का मानना है कि इस नई खोज से वर्तमान में महंगी मिलने वाली दर्दनिवारक दवाएं सस्ती हो जाएंगी। वर्तमान में दुनियाभर में बनने वाली दर्दनिवारक दवाओं में मॉर्फिन (अफीम का प्रमुख सक्रिय घटक) का इस्तेमाल होता है।
कनाडा की 'युनीवर्सिटी ऑफ कैलगैरी' के शोधकर्ताओं ने रविवार को बताया कि उन्होंने अफीम के उन विशेष जीनों का पता लगा लिया है जिनकी वजह से अफीम में पहले कोडीन एंजाइम और फिर इससे मोर्फिन दर्दनिवारक का निर्माण होता है।
शोधकर्ता प्रोफेसर पीटर फैक्चिनी कहते हैं कि इन विशेष जीनों ने यह एंजाइम आसानी से निकाला जा सकता है और फिर दर्दनिवारक दवाएं बनाने में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
बीस वर्षो से अफीम पर शोध कर रहे शोधकर्ता फैक्चिनी ने कहा कि एंजाइम के साथ इसे बनाने वाले जीनों का भी पता लगता एक बड़ी खोज है।
सहायक शोधकर्ता जिलिएन हैजेल ने करीब 23,000 विभिन्न जीनों पर शोध किया था। अंतत: उन्हें कोडीन नाम का जीन मिला। यह जीन एक एंजाइम बनाता है और यही कोडीन को मॉर्फिन में बदलता है।
फैक्चिनी कहते हैं कि उनके शोध से मोर्फिन की कीमत कम होगी और सस्ती दर्दनिवारक दवाएं मिलने लगेंगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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