उद्योगों के लिए 800 बीघा लैंड बैंक स्थापित : धूमल
उन्होंने कहा कि उद्योगपतियों को यहां कृषि, औषधि, फल एवं अन्य स्थानीय उत्पादों पर आधारित उद्योग स्थापित करने चाहिए ताकि प्रदेश के लोगों को उनका लाभ हो।
प्रो़ धूमल भारतीय उद्योग संघ (सीआईआई) द्वारा राज्य वार्षिक अधिवेशन के अवसर पर 'हिमाचल प्रदेश: ड्राइवर्ज़ ऑफ ग्रोथ' विषय पर यहां आयोजित सम्मेलन के अवसर पर बोल रहे थे।
मुख्य मंत्री ने कहा कि यद्यपि कृषि, बागवानी और पशुपालन पर देश की 70 प्रतिशत से अधिक आबादी जुड़ी है लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अभी तक इन क्षेत्रों की अनदेखी हुई है। उन्होंने कहा कि देश व प्रदेश का विकास भविष्य में कृषि क्षेत्र के विकास के बिना संभव नहीं।
प्रो़ धूमल ने कहा कि उनकी सरकार ने कृषि एवं ग्रामीण विकास क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की है क्योंकि प्रदेश की 90 प्रतिशत जनता ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है। किसानों को लाभान्वित करने के लिए पं़ दीनदयाल किसान बागवान समृद्घि योजना सहित कई महत्वपूर्ण योजनाएं आरम्भ की गईं हैं।
मुख्य मंत्री ने कहा कि उद्योगपतियों के लिए अधोसंरचना का विकास प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है ताकि उन्हें उद्योग स्थापित करने में कोई कठिनाई न हो। उन्होंने कहा कि सरकार सीआईआई के साथ संयुक्त समितियों के गठन पर विचार करेगी, जो उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए समय पर बैठक कर सकती हैं।
प्रो़ प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अभी तक प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए 800 बीघा का लैंड बैंक स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि हालांकि अभी तक केन्द्र सरकार ने प्रदेश का औद्योगिक पैकेज नहीं बढ़ाया है लेकिन हिमाचल में औद्योगिक इकाइयां लगाने के कई अन्य प्रोत्साहन एवं विशेषताएं हैं, जैसे सस्ती दरों पर निर्बाधित विद्युत आपूर्ति, उद्योग मित्र माहौल, प्रदूषण रहित पर्यावरण, जबावदेह प्रशासन आदि शामिल हैं, जो अन्य जगहों पर मुश्किल से मिल पाती हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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