अपराधी घोषित किया जाएगा कसाब

हफ़ीज़ चाचड़
बीबीसी संवाददाता, पाकिस्तान
पाकिस्तान की एक अदालत ने मुंबई हमलों के एकमात्र जीवित बचे हमलावर अजमल कसाब को अपराधी घोषित करने संबंधी नोटिस को मंज़ूरी दे दी है.
शनिवार को पाकिस्तान की रावलपिंडी स्थित एक विशेष अदालत ने मुंबई हमलों के मुक़दमे की सुनवाई करते हुए अजमल आमिर कसाब के ख़िलाफ़ दायर याचिका को मंज़ूरी दे दी है.
मुंबई हमलों की जाँच कर रही संघीय जाँच एजेंसी ने शनिवार को रावलपिंडी की आतंकवाद निरोधक अदालत में याचिका दायर की थी.
याचिका में अदालत से अनुरोध किया गया था कि कसाब को अपराधी और भगोड़ा क़रार दिया जाए.
आतंकवाद निरोधक अदालत के जज मलिक मोहम्मद अकरम अवाण ने संघीय जाँच एजेंसी की इस याचिका को अपनी मंज़ूरी दे दी है.
ध्यान रहे कि रावलपिंडी की आतंकवाद निरोधक अदालत में मुंबई हमलों के मुख्य साज़िशकर्ता ज़की-उर-रहमान लखवी, ज़रार शाह, अबु अल क़ामा, हामिद अमीन सादिक़, शाहिद जमील, जमील अहमद और यूनुस अंजुम के ख़िलाफ मुक़दमा चल रहा है.
अभियुक्त शाहिद जमील के वकील शहबाज़ राजपूत ने बताया कि अदालत ने सुनवाई करते हुए संघीय जांच एजेंसी की याचिका को मंज़ूर कर लिया लेकिन शनिवार की सुनवाई में ही गवाहों को बयान देने थे जो कि नहीं हो सके.
अदालत ने इस मुक़दमे की सुनवाई 20 मार्च तक स्थागित कर दी है.
कसाब का पहले का बयान मान्य नहीं
इससे पहले मंगलवार को लाहौर हाई कोर्ट ने एक याचिका पर फैसला सुनाते हुए कहा था कि भारतीय अधिकारियों को दिया गया कसाब का बयान पाकिस्तानी अदालतों में इस्तेमाल नहीं हो सकता.
क़ानूनी विशेषज्ञ मानते हैं कि लाहौर हाईकोर्ट के इस फैसले से पाकिस्तान में चल रहे मुंबई हमलों के मुक़दमे पर बुरा असर पड़ सकता है क्योंकि मुक़दमे के लिए यह महत्वपूर्ण है.
ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान में मुंबई हमलों के संबंध में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
इन सभी के ख़िलाफ़ आतंकवाद निरोधक क़ानून के तहत मुक़दमा चल रहा है. आरोप हैं कि इन लोगों ने मुंबई हमलावरों को प्रशिक्षण दिया और हमले को अंजाम देने में उनकी मदद की.
आतंकवाद निरोधक अदालत में चल रहा यह मुक़दमा पिछले एक साल से लंबित पड़ा है और इस मामले की सुनवाई को कई बार स्थगित किया जा चुका है.












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