देश के निर्माण में आगे आएं आईआईएम छात्र : दामोदरन
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पूर्व अध्यक्ष एम. दामोदरन ने अपने दीक्षांत भाषण में छात्रों को जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याओं से निपटने में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने को कहा। उन्होंने कहा कि छात्रों की प्राथमिकता पैसे कमाने से ज्यादा पर्यावरण मुद्दों के समाधान पर होनी चाहिए। उन्होंने हालांकि साफ किया कि वे छात्रों को पैसा कमाने से नहीं रोक रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पैसा सभी कुरीरियों की जड़ है, वाली कहावत सही नहीं है। हकीकत में तो सभी कुरीतियों की जड़ पैसा का लोभ है न कि पैसा।
दामोदरन ने छात्रों को विचार और कार्य में सीधा सामंजस्य बिठाने को कहा। उनके मुताबिक ऐसा करने से नेतृत्व क्षमता का विकास होगा, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग उनका अनुसरण एवं बात मानकर देश के विकास में योगदान देंगे। दामोदरन ने छात्रों को सलाह दी कि वो नकारात्मकता ढूंढ़ने में व्यर्थ समय नष्ट न कर सिर्फ अपनी काबिलियत पर ध्यान केंद्रित करें।
इस मौके पर टाटा सन्स के निदेशक जे.जे.ईरानी ने भी छात्रों को सिर्फ पैसे के लिए न भागकर ऐसे कायरे में योगदान देने को कहा, जिससे देश का बहुमुखी विकास हो।
इस मौके पर आईआईएम लखनऊ के निदेशक प्रोफेसर देवी सिंह ने छात्रों के सुनहरे भविष्य की कामना करते हुए कि आईआईएम लखनऊ निरंतर शोध और अध्ययन को बढ़ावा देने के लिए कार्यरत रहेगा।
भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), लखनऊ ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि संस्थान से इस साल पढ़कर निकले कुल 315 छात्रों को 121 कंपनियों से नौकरियों के 370 प्रस्ताव हासिल हुए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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