बिजली चोरों के खिलाफ दर्ज होगी प्राथमिकी
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के प्रबंध निदेशक अनुराग अग्रवाल ने शनिवार को एक बैठक के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि बिजली चोरों के खिलाफ बिजली अधिनियम, 2003 के तहत प्राथमिकी दर्ज किया जाना अनिवार्य हो गया है।
बिजली चोरों को इस अधिनियम के तहत तीन साल की कैद और जुर्माने का प्रावधान है। अग्रवाल ने कहा कि पहली बार चोरी में पकड़े गए लोगों पर जुर्माना लगाया जा सकता है।
अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2009 से ही डीएचबीवीएन द्वारा बिजली चोरी के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत बिजली चोरी के 11,475 मामले सामने आए हैं। अभियान के दौरान बिजली चोरी के मामले में पकड़े गए उपभोक्ताओं पर कुल मिलाकर 20 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया गया है।
गौरतलब है कि इस अभियान के तहत भिवानी जिले में जहां 3,518 लोगों को बिजली चोरी करते पाया गया वहीं हिसार में 2,944 तथा फरीदाबाद में 1,881 लोग बिजली की चोरी करते पाए गए। गुड़गांव में 1,594, नारनौल में 809 तथा सिरसा में 613 लोग बिजली की चोरी करते पाए गए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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