आंध्र में बिजली कटौती से नौकरियों पर खतरा
तेलगांना आंदोलन के चलते पहले ही परेशानियों का सामना कर चुके उद्योगों को अब 30 फीसदी बिजली कटौती की मार झेलनी पड़ रही है।
आंध्र प्रदेश सीआईआई के अध्यक्ष हरीश चंद्र प्रसाद ने आईएएनएस से कहा, "रोजाना 2.5 से 3.5 करोड़ इकाई बिजली कटौती की जा रही है जिसका मतलब सप्ताह में 72 घंटे की कटौती है। उद्योगों के लिए यह हफ्ते में तीन दिन की कटौती हुई।"
उन्होंने कहा कि उद्योग इस स्थिति में नहीं हैं कि इतनी ज्यादा कटौती को झेल सकें। सबसे ज्यादा दिक्कत छोटे और मझोले उद्योगों के सामने है। इसकी वजह से कई लोगों को अपनी नौकरियों से हाथ धोना पड़ सकता है।
राज्य सरकार छोटे किसानों को रोजाना सात घंटे की मुफ्त बिजली देती है। कृषि क्षेत्र को भी पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है जबकि राजधानी और बड़े शहरों में रोजाना दो घंटे, कस्बों में रोजाना पांच घंटे और गांवों में रोजाना छह घंटे की बिजली कटौती की जाती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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