भारतीय, चीनी पूंजी आकर्षित करने को उत्साहित है बांग्लादेश
ढाका को भारत द्वारा और निवेश किए जाने की उम्मीद है। गौरतलब है कि जनवरी में प्रधानमंत्री शेख हसीना की नई दिल्ली यात्रा के दौरान भारत की ओर से बांग्लादेश को एक अरब डॉलर का ऋण देने का वादा किया गया था।
एक प्रमुख आर्थिक सहयोगी और रक्षा सामग्री के आपूर्तिकर्ता बीजिंग के साथ संबंधों को मजबूत बनाने की दृष्टि से हसीना ने बुधवार को चीन की यात्रा की।
समाचार पत्र 'न्यू एज' के शनिवार को प्रकाशित अंक के मुताबिक, "उधारदाताओं ने दो प्रतिशत से नीचे की ब्याज दर नहीं लगाई है लेकिन इसके बाद भी आर्थिक संबंध प्रभाग (ईआरडी) और सभी मंत्रालयों व विभागों को ब्याज दरें कम कराने पर जोर न देने के लिए कहा गया है ताकि ऋण वार्ताओं का जल्दी निष्कर्ष निकाला जा सके।"
योजना मंत्रालय ने पिछले सप्ताह ही इससे संबंधित दिशा-निर्देश विभिन्न मंत्रालयों को जारी कर दिए हैं।
नीतियां बनाने वाली सर्वोच्च संस्था 'नेशनल इकोनॉमिक काउंसिल' की 21 जनवरी को हसीना की अध्यक्षता में हुई बैठक में विदेशी वित्तपोषित परियोजनाओं पर द्विपक्षीय वार्ता के दौरान ब्याज दर दो प्रतिशत के आस-पास रखने का निर्णय लिया गया था।
ईआरडी अधिकारियों ने बताया कि द्विपक्षीय ऋण देने के नए उभरते हुए सूत्रों जैसे भारत, चीन और दक्षिण कोरिया जैसे देशों से ऋण लेने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications