महंगाई के ख़िलाफ़ वामपंथी रैली

फ़ैसल मोहम्मद अली
बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
आसमान छूती महंगाई और केंद्र सरकार की 'जनविरोधी नीतियों' के विरुद्ध वामपंथी दलों ने शुक्रवार को दिल्ली में एक रैली निकाली. शहर के रामलीला मैदान से लाल टोपी पहने, हाथों में तख्तियाँ और बैनर लिए हुए हज़ारों वामपंथी समर्थक पटेल चौक के पास पहुंचे जहाँ बने एक मंच पर बड़े नेता मौजूद थे.
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी महासचिव प्रकाश करात ने अपने भाषण में कहा कि यह रैली महंगाई, ज़मीन की रक्षा, जिसे सरकार किसानों से लेकर उद्योगपतियों को दे रही है और रोज़गार को बढ़ावा देने की मांग को लेकर है. उनका कहना था कि रैली का एक मुद्दा वामपंथी ताकतों पर हो रहे हमलों का विरोध करना भी है. इस संदर्भ में प्रकाश करात ने फिर उस इल्ज़ाम को दोहराया कि एक ओर तो केंद्र सरकार माओवादियों का सफ़ाया करने की बात कर रही है दूसरी ओर कांग्रेस की सहयोगी दल तृणमूल कांग्रेस की नक्सलियों से सांठगाँठ है.
वामपंथी दल यह इल्ज़ाम पहले भी लगते रहे हैं.
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता का कहना था कि सरकार ने जिस तरह ग्रामीण बेरोज़गारों को राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार योजना शुरू कर सौ दिनों का सालाना रोज़गार मुहैया कराया है उसी तरह की व्यवस्था शहरी गरीबों के लिए भी की जानी चाहिए. प्रकाश करात ने घोषणा की है कि आठ अप्रैल को चारों वामपंथी दल देश भर में जेल भरो आंदोलन करेंगे जिसके तहत कार्यकर्ता हर जिले में केंद्र सरकार से संबंधित दफ्तरों का घेराव करेंगे और कामकाज नहीं होने देंगे. शुक्रवार की रैली को भी चारों वामपंथी दलों का समर्थन था. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के एबी बर्धन ने कहा, "यह रैली मनमोहन सरकार के लिए एक चेतावनी है कि अगर वह अब भी पेट्रोल और डीज़ल पर लगाये गए कर और उसकी वजह से उनकी बढ़ी हुई कीमतों को वापिस नहीं करती तो वामपंथी दल अपने विरोध को और भी तेज़ करेंगे."
सीपीआई नेता डी राजा ने आगे की रणनीति की जानकारी देते हुए कहा कि वामपंथी दल १४ मार्च को दुबारा बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे. वामपंथी दल इस मामले पर संसद में दूसरे दलों के साथ मिलकर भी आंदोलन करने का इरादा रखते हैं.












Click it and Unblock the Notifications