नेपाल में सेना ने तीन दलित महिलाओं की हत्या की
सुदेशना सरकार
काठमांडू, 12 मार्च (आईएएनएस)। नेपाल में कम्युनिस्ट नेतृत्व वाली सरकार की अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को देश में सार्वजनिक अवकाश के रूप मनाने की घोषणा के महज 48 घंटों के बाद ही सेना ने तीन दलित महिलाओं की गोली मारकर हत्या कर दी।
अधिकारी सेना की इन करतूत को मुठभेड़ की संज्ञा देकर लीपा-पोती करने की कोशिश कर रहे हैं।
मारी गईं तीनों महिलाओं की पहचान 12 वर्षीय चंद्रकला विश्वकर्मा, 35 वर्षीय देवीसारा विश्वकर्मा और 32 वर्षीय अमृता विश्वकर्मा के रूप में की गई है।
पश्चिमी नेपाल के बरदिया में स्थित 'नेशनल वाइल्डलाइफ पार्क' में इन महिलाओं की हत्या की गई।
गौरतलब है कि अविकसित बरदिया जिले में माओवादी विद्रोह खत्म होने के एक दशक बाद सेना यहां बुरी तरह से मानवाधिकारों का हनन कर रही है।
तीनों महिलाएं पार्क मेंघास काटने के लिए गईं थी, यह पार्क दलित महिलाओं की आजीविका का मुख्य साधन है।
सरकार इस पूरे मामले पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही हैं। सरकार ने दावा किया है कि नेशनल पार्क में यह मौतें उस वक्त हुई जब सेना की शिकारियों के एक समूह के साथ मुठभेड़ चल रही थी।
एक बयान में पुलिस ने कहा कि शिकारियों के द्वारा गोली चलाने पर सेना ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए गोलीबारी की।
बयान में कहा गया है कि कार्रवाई के दौरान मौके से तीन बंदूकें और विस्फोटक बरामद किए गए।
पुलिस ने यह भी कहा कि उसने कृष्ण विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया है। मारी गई दो महिलाओं में से एक उसकी पत्नी है और एक भाभी, जबकि 12 वर्षीय लड़की उसकी बेटी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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