महिला आरक्षण विधेयक पारित, वोटिंग का इंतजार
विधेयक के विरोध में हंगामा कर रहे सांसदों को काबू में लाने के लिए 7 सदस्यों को सस्पेंड किया गया। कमाल अख्तर, नंदकिशोर यादव, वीरपाल सिंह यादव, आमिर अली खान, एजाज अली, सुभाष प्रसाद यादव और साबिर अली को पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया। इसके बावजूद भी जब सांसद सदन की कार्यवाही बाधित करने की कोशिश करते रहे तो उन्हे मार्शलों की मदद से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
इस अफरा-तफरी के बाद सदन में भजपा के दबाव में बहस शुरू हुई। इस पूरे हंगामें के दौरान प्रमुख विपक्षी पार्टी का भाजपा का रुख बेहद सहयोगी रहा। वामपंथी दल भी शुरू से विधेयक के पक्ष में थे। बहस शुरू होने पर विपक्षी दल के नेता अरुण जेटला ने सबसे पहले अपनी बात रखी। उन्होने महिला आरक्षण विधेयक को आज के दौर में महिलाओं की पहली जरूरत बताया। इसके बाद वामपंथी पार्टी की नेता बृंदा करात ने बिल के समर्थन में अपनी राय रखी। बसपा के सतीश मिश्रा ने कहा कि अगर इस विधेयक में कुछ संशोधन किए जाएं तो बसपा बिल के पक्ष में है।













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