एक सवाल का जवाब 8,000 पन्नों में
विधानसभा में कांग्रेस के उपनेता चौधरी राकेश सिंह ने प्रदेश में स्थित उद्योगों से फैलने वाले प्रदूषण के संदर्भ में पर्यावरण मंत्री जयंत मलैया से जुलाई 2009 में सवाल पूछा था, यह जवाब आठ माह बाद आया है मगर 8,000 पन्नों में।
राकेश सिंह ने बताया कि उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण मंडल से वर्ष 2006 के बाद से प्रदेश में उद्योगों से फैलने वाले प्रदूषण और उन्हें जारी किए गए अनापत्ति प्रमाणपत्रों के संदर्भ में जानकारी मांगी थी। साथ ही जानना चाहा था कि कौन-कौन से उद्योग किस तरह का प्रदूषण फैला रहे हैं और उन पर क्या कार्रवाई की गई है। इस सवाल के जबाव के 15 बंडल जब उनके घर पहुंचे तो वे उन्हें देखते ही अचरज में पड़ गए कि क्या इतना बड़ा भी जवाब हो सकता है।
राकेश सिंह का आरोप है कि इतना बड़ा जवाब देकर विभाग ने अपनी नाकामी छुपाने की कोशिश की है। विभाग जानता है कि विधायक के पास इतना समय नहीं होता है कि वह इतने पन्नों के जवाब को पढ़ सके लिहाजा प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों की वास्तविकता बताने नहीं बल्कि छुपाने के लिए इतना बड़ा जवाब दिया गया है।
चार बार से विधायक राकेश सिंह ने आईएएनएस से चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में एक प्रश्न का इतना बड़ा जवाब नहीं देखा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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