महिला विधेयक पर नहीं हो सका मतदान (लीड-5)
सदन की कार्यवाही में बार-बार व्यवधान पैदा होने के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने विधेयक का समर्थन कर रही राजनीतिक पार्टियों की एक बैठक बुलाई। बैठक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक पर मतदान कराने से पहले उस पर चर्चा कराई जानी चाहिए।
सरकार ने कहा कि उसने विधेयक पर बहस के लिए सोमवार को चार घंटे का समय निर्धारित किया था, लेकिन समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल ने चर्चा के लिए अनुकूल वातावरण नहीं उपलब्ध कराया।
जब सदन की कार्यवाही अपराह्न् छह बजे फिर से शुरू हुई तो उपसभापति पी.जे.कुरियन ने उसे मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। संभवत: मंगलवार को विधेयक पर चर्चा हो पाए।
समाजवादी पार्टी (सपा), राष्ट्रीय जनता दल (राजद), जनता दल (युनाइटेड) और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के सदस्यों ने इस विधेयक के विरोध में संसद के दोनों सदनों में जोरदार हंगामा किया। राज्यसभा में तो इन सदस्यों ने विधेयक की प्रतियां छीनकर सदस्यों की ओर लहरा दी तो कुछ ने सभापति हामिद अंसारी को सदन के संचालन में बाधा तक पहुंचाई और कागजों के टुकड़े उनकी ओर लहराए। कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और वाम दल सहित अन्य दलों ने सदस्यों के इस आचरण की घोर निंदा की है।
इससे पहले सपा, राजद, जद (यू) और लोजपा के दर्जन भर सदस्यों के भारी विरोध और हंगामे के बीच केंद्रीय कानून मंत्री एम. वीरप्पा मोइली ने राज्यसभा में महिला आरक्षण विधेयक पेश तो कर दिया, पर सरकार इस पर बहस और मतदान नहीं करवा सकी।
इस विधेयक के विरोध के चलते राज्यसभा की कार्यवाही सातवीं बार और लोकसभा की कार्यवाही पांचवी बार के स्थगन के बाद मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई।
दो बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही आरंभ हुई, सभापति हामिद अंसारी ने महिला विधेयक पेश करने के लिए मोइली का नाम पुकारा। इसके बाद मोइली ने भारी विरोध और हंगामे के बीच ही विधेयक को सदन में पेश कर दिया।
विधेयक पेश होने के दौरान सपा, राजद, जद (यू) और लोजपा के सदस्य सभापति के आसन के समीप पहुंच गए और हंगामा करने लगे। सदस्यों ने अंसारी से विधेयक की प्रतियां छीनने की कोशिश की।
उधर, इस विधेयक के विरोध में लोकसभा की कार्यवाही भी पांच बार बाधित होने के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। सपा नेता मुलायम सिंह यादव और राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने यहां विरोध की बागडोर संभाली। दोपहर बाद जनता दल (यू) के अध्यक्ष शरद यादव भी इसमें शामिल हो गए। इस दौरान बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सदस्य भी विधेयक का विरोध कर रहे थे।
महिला आरक्षण विधेयक को लेकर एक मौके पर मुलायम सिंह यादव और वित्त मंत्री तथा सदन के नेता प्रणब मुखर्जी के बीच तीखी नोंकझोंक तक हुई। मुखर्जी ने हाथ जोड़कर मुलायम से गतिरोध बंद करने का आग्रह भी किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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