पूर्वोत्तर में संचार क्रांति लाना चाहते हैं सचिन
नई दिल्ली, 7 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा है कि सरकार ने पूर्वोत्तर राज्यों व दूरदराज के सीमांत क्षेत्रों को दूरसंचार, वाइमैक्स और ब्रॉडबैंड से जोड़कर इन क्षेत्रों में संचार क्रांति लाने के लिए एक महत्वाकांक्षी परियोजना आरंभ की है।
विशेष अतिथि के तौर पर आईएएनएस कार्यालय पहुंचे सचिन ने रविवार को आईएएनएस से बातचीत में कहा, "मैं मानता हूं कि निजी क्षेत्रों से निवेश आकर्षित करने के मामले में पूर्वोत्तर एक बड़ा केंद्र साबित हो सकता है।"
उन्होंने कहा, "वहां के युवा प्रतिभासंपन्न हैं। उन्हें आसानी से प्रशिक्षित किया जा सकता है। यदि हम ग्रामीण क्षेत्रों में बिसनेस प्रोसेस आउटसोर्सिग (बीपीओ) पहुंचा पाते हैं तो निश्चित तौर पर पूर्वोत्तर में इसे पहुंचाया जा सकेगा।"
पायलट ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों को दूरसंचार से जोड़ने की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सरकार ने निजी क्षेत्रों से राशि इकट्ठी की है। इसके तहत चालू वित्त वर्ष के शुरू में 18, 000 करोड़ रुपये की राशि इकट्ठा की जा चुकी है।
पूर्वोत्तर के लिए बहुत कुछ किए जाने की जरूरत पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि जल्द ही पूरे असम में ऑप्टिकल फाइबर का जाल बिछेगा। "हम वहां पंचायत स्तर पर ऑप्टिकल फाइबर लगाने जा रहे हैं। देश का यह पहला राज्य होगा जो पूरी तरह से ऑप्टिकल फाइबर से जुड़ा होगा।"
उन्होंने कहा, "हमने असम के चायगांव में वाइमेक्स की शुरुआत की है। इससे 15 किलोमीटर के दायरे के लोग आसानी से इंटरनेट तक पहुंच बना सकते हैं।"
पायलट ने कहा इसके अलावा सरकार अरूणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में सॉफ्टवेयर पार्क परियोजनाएं आरंभ कर रही है। इन पार्को में कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर और संबंधित उपकरण तैयार होंगे जिन्हें निर्यात किया जा सकेगा। "इस सिलसलि में मैं अरुणाचल के मुख्यमंत्री से भी मिल चुका हूं। हमें उम्मीद है कि जल्द ही यह परियोजना आरंभ हो जाएगी।"
पूर्वोत्तर के गांवों में सेटेलाइट फोन पहुंचाने की भी पायलट की योजना है। वह कहते हैं, "अरुणाचल में कुछ स्थान ऐसे भी हैं जो 12,000 से 14,000 फुट की ऊंचाई पर हैं, जहां मोबाइल का नेटवर्क नहीं पहुंच पाया है। इन क्षेत्रों में सेटेलाइट फोन पहुंचाए जाएंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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