रणथम्भौर में 2 बाघों की मौत
सवाईमाधोपुर के कांग्रेस विधायक अलाउद्दीन आजाद ने इस कांड में किसी बड़े शिकारी गिरोह के शामिल होने की आशंका जताते हुए राज्य सरकार से उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उप वनसंरक्षक आर.एस. शेखावत के अनुसार सुबह ही विभाग के लोगों को बाघों के मरे होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद मौके पर पहुंचे विशेषज्ञों की टीम ने शवों को अपने कब्जे में लिया।
शेखावत के अनुसार दोपहर बाद दोनों बाघों के शवों का पोस्टमार्टम किया गया। प्रारंभिक जांच में इस बात के संकेत मिले हैं कि बाघों को संभवत: जहरीला पदार्थ देकर मारा गया है। इस घटना के बाद विभाग के विशेषज्ञों और गश्ती दलों ने जंगलों में शिकारियों की तलाश शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि दोनों बाघों की उम्र लगभग दो साल है।
पोस्टमार्टम के बाद दोनों का दाहसंस्कार कर दिया गया। रणथम्भौर में बाघों के शिकारियों के हाथों मारे जाने की घटना के लिए बदनाम रहे रणथम्भौर उद्यान में ताजा घटना ने वन विभाग की सक्रियता पर सवाल खड़ा कर दिया है।
गौरतलब है कि इसी उद्यान से करीब एक माह पहले लापता हुई एक बाघिन को वन विभाग की टीम आज तक पक्की तौर पर नहीं तलाश पाई है। पता चला है कि दो दिन पहले ही उसके झालावाड़ जिले के जंगलों में विचरण करने के संकेत मिले हैं।
रणथम्भौर में दो बाघों के इस तरह एक साथ मारे जाने की यह पहली घटना है। इससे पहले हालांकि इस क्षेत्र में दो दर्जन से ज्यादा बाघ शिकारियों के हाथों मारे जा चुके हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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