नेपाल में हिजड़ों ने बनाई राजनीति में पहचान
सुदेशना सरकार
काठमांडू, 7 मार्च (आईएएनएस)। भूमिका श्रेष्ठ, नेपाल की पहली मिस पिंक नेपाल हैं। वह अपने समुदाय के लिए प्ररेणा की स्रोत हैं। अब वह राजनीति में कदम रख चुकी हैं। राजनीति में प्रवेश करने वाली वह नेपाल की पहली हिजड़ा हैं।
तेईस वर्षीया भूमिका ने पिछले दिनों नेपाली कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। वह कहती हैं, "समाज में परिवर्तन लाने की नेताओं में शक्ति होती है।"
भूमिका ने आईएएनएस से एक विशेष बातचीत में कहा, "अपने समुदाय की लड़ाई लड़ने के लिए मैंने राजनीति में कदम रखा। नेता भी समझते हैं कि वे हमें नजरअंदाज नहीं कर सकते। पिछले चुनाव में सभी राजनीतिक दलों ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में लैंगिक अल्पसंख्यकों को शामिल किया था।"
वह कहती हैं, "जब कक्षा 10 वीं में मुझे कक्षा से बाहर निकाल दिया गया था तब मुझे पहली बार यह अहसास हुआ कि मैं अन्य से अलग हूं।"
इसके बाद वह ब्लू डायमंड सोसायटी (बीडीएस) के संपर्क में आई। यह संस्था समलैंगिकों, हिजड़ों व उभयलिंगियों की संरक्षक है। वह कहती है, "इस संस्था से जुड़कर मुझे बहुत राहत मिली।" भूमिका आज इस संस्था में मानवाधिकार अधिकारी है।
महात्मा गांधी से प्रेरित भूमिका कहती हैं कि नेपाली कांग्रेस के संस्थापक व देश के पहले प्रधानमंत्री बी. पी. कोइराला के आदर्शो से प्रेरणा पाकर उन्होंने नेपाली कांग्रेस से जुड़ने का फैसला किया।
बीडीएस के संस्थापक सुनील बाबू पंत देश के पहले समलैंगिक सांसद हैं। ऐसे ही एक हिजड़े हैं सुमन चेपांग। सुमन ने स्कूल में लड़कियों के कपड़े पहनने से इंकार कर दिया था तो उसे स्कूल से बाहर कर दिया गया था।
सुमन कहते हैं, "कई वर्षो तक मैंने अपने दिल पर पत्थर रखा। फिर मैंने बहुत कोशिश की कि मैं लड़कियों जैसा दिखूं। अंतत: मैंने अपनी पहचान पुरुष के रूप में बनाने की सोची।"
सुमन हाल ही में नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी-संयुक्त मार्क्सवादी लेनिनवादी से जुड़े हैं। वह कहते हैं, "समाज में परिवर्तन आना चाहिए। हमने अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़ने का फैसला इसलिए किया है ताकि परिवर्तन लाने में आसानी हो।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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