ज्यादा संतुष्ट होती हैं सार्वजनिक क्षेत्र में काम करने वाली महिलाएं
एसोसिएटेड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम) के अध्ययन के अनुसार, "ज्यादातर कामकाजी महिलाएं सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में काम करने को तवज्जो देती हैं क्योंकि यहां उन्हें नौकरी से संतुष्टि, अपेक्षाकृत अच्छी आय, नौकरी के प्रति सुरक्षा, सुविधाजनक काम के घंटे और साफ-सुथरा माहौल मिलता है।"
इस अध्ययन को जारी करते हुए एसोचैम की अध्यक्ष स्वाती पीरामल ने कहा कि बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिग (बीपीओ) और नॉलेज प्रोसेस आउटसोर्सिग (केपीओ) में काम करने वाली महिलाओं की संतुष्टि का स्तर सबसे कम पाया गया।
उन्होंने कहा, "इन क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाओं की शिकायत है कि उनके निजी विकास की संभावनाएं यहां बेहद कम हैं साथ ही निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी कोई भूमिका नहीं होती। इसके अलावा काम के घंटों में लचीलापन नहीं है और लक्ष्य पूरा करने का दबाव भी हमेशा बना रहता है।"
यह अध्ययन देश के प्रमुख 11 शहरों में बैंकिंग, वित्त, ऊर्जा, पेट्रोलियम और कंसल्टेंसी जैसे क्षेत्रों में काम करने वाली 773 महिलाओं पर किया गया।
अध्ययन से पता चला कि कृषि आधारित उद्योगों, आतिथ्य, सूचना प्रौद्योगिकी , मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र की कामकाजी महिलाओं को जटिल समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
यह भी पता चला है कि कंपनियों को पुरुष कर्मियों की तुलना में महिलाकर्मियों पर कम भरोसा होता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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