संयुक्त राष्ट्र में व्यापक लैंगिक इकाई का भारत ने किया समर्थन
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को कहा कि इस संस्था को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराया जाना चाहिए ताकि यह महिलाओं के हितों के लिए काम कर सके।
बीजिंग घोषणा के क्रियान्वयन का महिलाओं की स्थिति पर प्रभाव पर गठित आयोग के 54वें सत्र में उन्होंने कहा कि विकास और समान न्याय के लिए लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण की बहुत आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि विकास को बढ़ावा देने और गरीबी हटाने के लिए महिला सशक्तिकरण एक कारगर हथियार है। साथ ही पूरी दुनिया में विकास के प्रयास तब तक अधूरे हैं जब तक आधी दुनिया की आबादी यानी महिलाओं का विकास नहीं होता।
उन्होंने कहा, 80 साल पहले भारत के संदर्भ में महात्मा गांधी ने कहा था कि जब तक सार्वजनिक जीवन में महिलाओं की भागीदारी नहीं बढ़ेगी तब तक राष्ट्र का उद्धार नहीं होगा। यह बात पूरी दुनिया में लागू होती है।
भारत के प्राचीन ग्रंथ मनुस्मृति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, "महिलाओं के वास्तविक और पूर्ण सशक्तिकरण का समय आ गया है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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