भारत और सऊदी अरब के बीच होगा सूचनाओं का आदान-प्रदान

रियाद, 27 फरवरी (आईएएनएस)। सऊदी अरब में भारत के राजदूत तलमीज अहमद ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सऊदी अरब दौरे के दौरान सुरक्षा और आतंकवाद निरोधी उपायों को शीर्ष प्राथमिकता दी जाएगी।

अहमद ने आईएएनएस को बताया, "प्रधानमंत्री का यह दौरा सऊदी के शाह अब्दुलाह बिन अब्दुल अजीज के भारत दौरे के चार वर्षो बाद हो रहा है। यह दौरा दोनों पक्षों को महत्वपूर्ण वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा के अवसर मुहैया कराएगा।"

अहमद ने कहा, "अफगानिस्तान, पाकिस्तान और पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर तालिबान की उपस्थिति गंभीर चिंता का एक विषय है। कुछ भी हो यह तालिबान ही है जो कि अल-कायदा को वित्तीय सहायता मुहैया करा रहा है।"

अहमद के अनुसार प्रधानमंत्री और अब्दुल्लाह के बीच बातचीत में आतंकवाद के मुद्दे की समीक्षा की जाएगी।

भारत और सऊदी अरब मनमोहन सिंह के दौरे के दौरान एक प्रत्यर्पण संधि पर हस्ताक्षर करने वाले हैं।

अहमद ने रियाद में कहा, "20 वर्ष पहले इन आतंकी संगठनों के विस्तार के बारे में भारत की चिंताओं को यहां तक कि पश्चिमी देशों ने भी गंभीरता से नहीं लिया था। आज इन पश्चिमी देशों के साथ ही सऊदी अरब भी आतंकवाद से पीड़ित है।"

अहमद ने कहा, "अभी हाल ही में यमन विद्रोहियों के साथ मुठभेड़ में 133 सऊदी सैनिक मारे गए थे।"

अहमद ने कहा कि सऊदी अरब के पास भारत के साथ साझा करने के लिए ढेर सारी सूचनाएं हैं। इसी तरह भारत के पास भी सऊदी अरब के साथ साझा करने के लिए ढेर सारी सूचनाएं हैं। इसके लिए सभी तरह के बंदोबस्त किए जाएंगे ताकि इस संदर्भ में द्विपक्षीय सहयोग शीर्ष स्तर पर स्थापित हो।

सिंह के दौरे के दौरान दोनों पक्ष ऐतिहासिक प्रत्यर्पण संधि पर हस्ताक्षर करेंगे।

अहमद ने कहा, "दोनों देश आंतकियों, ड्रग और हथियारों की आवाजाही पर सूचनाओं का अदान-प्रदान करेंगे।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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