जल्‍दी खत्‍म नहीं होने वाले भारत-पाक में मतभेद

Salman Bashir, Nirupama Rao
नई दिल्ली। वर्ष 2008 में मुंबई पर हुए आतंकवादी हमले के बाद पहली बार भारत और पाकिस्तान के बीच गुरुवार को वार्ता तो आरंभ हुई, लेकिन इसमें विश्वास की कमी साफ तौर पर दिखी। दोनों देशों के बीच तकरीबन तीन घंटे सचिव स्तर की बातचीत हुई। वार्ता में साफ नजर आया कि दोनों देशों के बीच गहरे मतभेद हैं, जो जल्‍दी खत्‍म नहीं होने वाले।

इस मौके पर भारत ने पाकिस्तान को तीन अतिरिक्त दस्तावेज सौंपे जिनमें वहां मौजूद आतंकवादियों की भारत विरोधी गतिविधियों का जिक्र है। अपने पाकिस्तानी समकक्ष सलमान बशीर के साथ बैठक के बाद विदेश सचिव निरुपमा राव ने पत्रकारों को बताया, "पाकिस्तान ने समग्र वार्ता दोबारा शुरू करने की इच्छा जताई है लेकिन हमने कहा है कि इसके लिए यह सही समय नहीं है क्योंकि हमें विश्वास और भरोसे के एक माहौल की आवश्यकता है।"

पढ़ें- भारत-पाक के रिश्‍तों पर ताजा अपडेट

बैठक के बाद राव ने कहा, "यह बैठक दोनों देशों के बीच भरोसे की बहाली की दिशा में पहला कदम है। हम इस बात से सहमत हैं कि हमें एक दूसरे से संपर्क बनाए रखकर विश्वास बहाली के प्रयास करने चाहिए।" उन्होंने कहा कि तीन अतिरिक्त दस्तावेज सौंपकर पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल से कहा गया कि वह अपनी जमीन से भारत के विरुद्ध आतंकवादी गतिविधियां चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करे।

राव ने कहा, "एक दस्तावेज में मुंबई आतंकवादी हमले से जुड़े लोगों के बारे में जानकारियां हैं। दूसरे में पाकिस्तान में अलकायदा नेता इलियास कश्मीरी की धमकी का जिक्र है और तीसरे में उन वांछितों की सूची है जो भारत में अपराध करके पाकिस्तान में छिपे हैं।"

हाफिज सईद की गिरफ्तारी की मांग

पाकिस्तान को दिए गए भारतीय वांछितों की सूची के बारे में राव ने कहा कि इस सूची के कुछ नामों से पाकिस्तान पहले ही परिचित है जबकि कुछ नए नाम भी शामिल किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान से जोर देकर कहा गया है कि वह मुंबई हमले के मुख्य सूत्रधार हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई करे।

राव ने पाकिस्तान में पांच फरवरी को एक रैली में कुछ संगठनों द्वारा भारत के खिलाफ आतंकवादी कार्रवाई संबंधी बयानों के संदर्भ में कहा, "यह पाकिस्तान का दायित्व है कि वह लश्कर-ए-तैयबा, जमात-उद-दावा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकवादी संगठनों के खिलाफ जल्द कार्रवाई करे।"

राव ने कहा, "मैंने अपने पाकिस्तानी समकक्ष से कहा कि आतंकवाद किसी चीज को आगे नहीं बढ़ा सकती है। वह केवल हिंसा को बढ़ा सकती है। यह सभी देशों का दायित्व बनता है कि वह अपनी जमीन से आतंकवादी गतिविधियों को बंद करे।" जवाब में पाकिस्तान ने उसके खिलाफ कार्रवाई करने का वादा किया। पाकिस्तान की एक अदालत ने मुंबई हमलों में शामिल होने के सबूतों को अपर्याप्त बताते हुए पिछले वर्ष सईद को रिहा कर दिया था।

भारत पर बलूचिस्‍तान में विद्रोह भड़काने का आरोप

दूसरी तरफ पाकिस्तान ने कश्मीर विवाद से जुड़े मुद्दों और बलूचिस्तान में विद्रोह भड़काने में भारत का कथित रूप से हाथ होने की बात उठाई। पाकिस्तान ने कहा कि दोनों देशों के बीच जितने भी मुद्दे हैं उनमें जम्मू और कश्मीर विवाद मुख्य है। साथ ही मुंबई आतंकवादी हमले को मुख्य मुद्दा बनाए बगैर दोनों देशों को आगे बढ़ना चाहिए।

पाकिस्तानी विदेश सचिव सलमान बशीर ने संवाददाताओं से कहा, "पाकिस्तान के नजरिए से दोनों देशों के बीच विवाद की मुख्य वजह जम्मू और कश्मीर मुद्दा है और यह एक अंतर्राष्ट्रीय मुद्दा है।" उन्होंने कहा, "भारत-अधिकृत कश्मीर में ऐसे मुद्दे हैं जो मानवाधिकारों के उल्लंघन से संबंधित हैं। हम समग्र वार्ता को दोबारा शुरू करने की बात कर रहे हैं ताकि इन मुद्दों पर ज्यादा सार्थक तरीके से बातचीत हो सके।"

बशीर ने कहा, "मुंबई हमले के आरोपी पाकिस्तानी आतंकवादियों के खिलाफ हमने वह सब कुछ किया है, जो कर सकते थे। संदिग्धों के खिलाफ मुकदमा चलाया जा रहा है, इसलिए इसे मुद्दा बनाना अव्यावहारिक है।" उन्होंने कहा कि उनका देश आतंकवाद की विचारधारा में विश्वास नहीं करता और पाकिस्तान मुंबई जैसे सैकड़ों हमलों की पीड़ा झेल चुका है।

अंत में बशीर ने कहा कि पाकिस्तानी नेतृत्व को शांति प्रयासों के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के दृष्टिकोण पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि रिश्तों को सुधारने की दिशा में हम आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+