प्रणव की बेटी की अपील मजनुओं पर टैक्स लगाओ

उन्होंने लिखा है, “घर पर जब भी मैं बजट के बारे में कुछ बेशकीमती राय देना चाहती हूं तो आपकी घूरती आंखों को देखकर मेरी ज़ुबान बंद हो जाती है. मुझे आशा है कि आप मेरे सुझावों पर गंभीरता से विचार करेंगे. शर्मिष्ठा जानीमानी नृत्यांगना हैं और उन्होंने कलाकारों के लिए भी करमुक्ति की मांग की है.
वहीं व्यापार और वाणिज्य से जुड़े अंतरराष्ट्रीय अख़बार वाल स्ट्रीट जरनल के भारतीय ब्यूरो चीफ़ पॉल बेकेट ने प्रणव मुखर्जी के नाम खुला पत्र लिखकर कहा है, “ प्रिय श्री मुखर्जी...इस बार हमें दिखा दीजिए कि आप एक निर्भीक बजट पेश कर सकते हैं."" अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रणव मुखर्जी के पिछले बजट की आलोचना हुई थी और मुखर्जी का जवाब था कि सरकार को सत्ता में आए हुए केवल सात दिन हुए थे ( वैसे आलोचकों ने कहा था कि पांच साल और सात दिन हुए थे.)
अख़बार ने उनसे गुजारिश की है कि इस बार ऐसा बजट न पेश करें जिसे देखकर इंदिरा गांधी के ज़माने की याद आ जाए. अख़बार ने कहा है कि वो ऐसे कदम उठाएं जो शायद इस वक्त लोक लुभावन नहीं लगें लेकिन आने वाले समय के लिए भारत को एक ठोस अर्थव्यवस्था की तरफ़ ले जाएं.
पॉल बेकेट का कहना है, “निवेशकों का भी धैर्य खत्म हो रहा है और वो स्थिति नहीं आने दें जब लैप टॉप लिए भारतीय डेवोस जैसे सम्मेलनों में जाएं और भारत में निवेश के लिए पावर प्वाइंट प्रज़ेंटेशन करें लेकिन उनकी कोई सुने ही नहीं.""












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