आम बजट : पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाने के खिलाफ विपक्ष एकजुट (लीड-1)
वित्त मंत्री ने जैसे ही पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में वृद्धि का प्रावधान किए जाने की घोषणा की वैसे ही समूचे विपक्ष ने इसका विरोध करना आरंभ कर दिया। प्रणब मुखर्जी ने हालांकि इस दौरान सभी सदस्यों से शांत रहने का आह्वान किया और बजट प्रस्तुत करने को संवैधानिक जरूरत बताया। वित्त मंत्री की बातों को अनसुना करते हुए वाम दल, सपा और राजद सहित समूचा विपक्ष सदन से बहिर्गमन कर गया। इन सभी दलों ने एक साझा मंच से आम बजट को 'जन विरोधी' करार दिया।
विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने संवाददाताओं से कहा, "यह किसान विरोधी, गरीब विरोधी और जन विरोधी बजट है।" मीडिया के सामने स्वराज के साथ सपा नेता मुलायम सिंह यादव और राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के गुरुदास दासगुप्ता व अन्य वाम दलों के सदस्य भी उपस्थित थे।
लोकसभा में विपक्ष के उप नेता गोपीनाथ मुंडे ने कहा, "हमें उम्मीद थी कि बजट से लोगों पर महंगाई का प्रभाव कम होगा लेकिन यह किसान विरोधी है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि से महंगाई और बढ़ जाएगी।"
भाकपा के नेता डी.राजा ने कहा कि सरकार ने महंगाई को लेकर कोई ठोस जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि समूचे विपक्ष के साथ अन्य दलों के संसद से बहिर्गमन का फैसला सुनियोजित नहीं था बल्कि स्वत: स्फूर्त था। सरकार को यह समझना चाहिए।
उधर, कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि बजट मंदी के बाद सुधार की प्रक्रियाओं को समेकित करेगा, आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करेगा और राजस्व में सुधार लाएगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल राजनीतिक बढ़त हासिल करने की कोशिश कर रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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